नैनोमेडिसिन से बदलेगी स्वास्थ्य सेवा की तस्वीर, प्रिवेंटिव मेडिसिन और पर्सनलाइज्ड हेल्थकेयर को मिलेगी नई दिशा: Dr. Jitendra Singh
केंद्रीय राज्य मंत्री Dr. Jitendra Singh ने कहा है कि नैनोमेडिसिन आने वाले समय में निवारक चिकित्सा (प्रिवेंटिव मेडिसिन) और व्यक्तिगत स्वास्थ्य सेवा (पर्सनलाइज्ड हेल्थकेयर) की अगली पीढ़ी को नई गति प्रदान करेगी। उन्होंने यह बात एक कार्यक्रम में वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों को संबोधित करते हुए कही।
Dr. Jitendra Singh ने बताया कि नैनोटेक्नोलॉजी आधारित चिकित्सा पद्धतियां रोगों की पहचान, रोकथाम और उपचार के तरीकों में क्रांतिकारी बदलाव लाने की क्षमता रखती हैं। उनके अनुसार, नैनोमेडिसिन के माध्यम से बीमारियों का पता उनके शुरुआती चरण में ही लगाया जा सकेगा, जिससे इलाज अधिक प्रभावी और सटीक हो सकेगा। यह तकनीक शरीर की कोशिकाओं तक सीधे दवा पहुंचाने में सक्षम है, जिससे उपचार की गुणवत्ता में सुधार होगा और दुष्प्रभाव भी कम होंगे।
मंत्री ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली में जहां एक ही तरह का इलाज सभी मरीजों को दिया जाता है, वहीं नैनोमेडिसिन के सहारे हर व्यक्ति की शारीरिक बनावट और जरूरत के अनुसार अलग उपचार तैयार किया जा सकेगा। इससे स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में व्यक्तिगत देखभाल को बढ़ावा मिलेगा, जो भविष्य की चिकित्सा व्यवस्था का आधार बनेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि देश में स्वास्थ्य सेवाओं को अत्याधुनिक तकनीक से जोड़ा जा सके। इस दिशा में विभिन्न शोध संस्थानों और वैज्ञानिकों को समुचित संसाधन और सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।
Dr. Jitendra Singh ने युवा शोधकर्ताओं का आह्वान किया कि वे नैनोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नए प्रयोग करें और ऐसी तकनीकें विकसित करें जो आम जनता तक सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने में सहायक साबित हों। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत नैनोमेडिसिन के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी भूमिका निभाएगा और इससे देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को नया आयाम मिलेगा।
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