वन्यजीव तस्करी पर बड़ी कार्रवाई: Assam में DRI ने 86 जिंदा टोके गेको बरामद किए, दो आरोपी काबू
वन्यजीवों की अवैध तस्करी पर नकेल कसने के मकसद से चलाए गए एक विशेष अभियान के दौरान राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने Assam में एक बड़ी सफलता हासिल की है। एजेंसी के अधिकारियों ने छापेमारी के दौरान 86 जीवित टोके गेको छिपकलियां बरामद की हैं, जिन्हें गुप्त रूप से देश से बाहर भेजे जाने की योजना बनाई गई थी। इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया गया है।
मिली जानकारी के मुताबिक, DRI को लंबे समय से इस क्षेत्र में वन्यजीव तस्करी के नेटवर्क सक्रिय होने की सूचना मिल रही थी। इसी आधार पर खुफिया जानकारी जुटाकर एक सुनियोजित रणनीति के तहत छापा मारा गया, जिसमें भारी मात्रा में दुर्लभ छिपकलियां बरामद हुईं। टोके गेको प्रजाति की ये छिपकलियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में औषधीय और अंधविश्वास से जुड़ी मान्यताओं के चलते ऊंची कीमतों पर बिकती हैं, जिसके कारण इनकी तस्करी का धंधा तेजी से फल-फूल रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी इस अवैध कारोबार में लंबे समय से संलिप्त बताए जा रहे हैं। पूछताछ के दौरान इनसे तस्करी नेटवर्क, संभावित खरीदारों और आगे की सप्लाई चेन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। एजेंसी को शक है कि यह गिरोह सीमा पार के अन्य तस्करों के साथ भी संपर्क में रहा है और इस पूरे रैकेट के तार और दूर तक फैले हो सकते हैं।
डीआरआई के अधिकारियों ने बताया कि बरामद टोके गेको छिपकलियों को सुरक्षित रखते हुए वन विभाग तथा वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी एजेंसियों को सौंपा जाएगा, ताकि उनका उचित पुनर्वास सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
उत्तर-पूर्व भारत, विशेषकर Assam, अपनी जैव विविधता के लिए जाना जाता है और यही वजह है कि यह क्षेत्र वन्यजीव तस्करों के लिए एक प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के अभियान भविष्य में भी लगातार चलाए जाते रहेंगे ताकि तस्करी के इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके। इस पूरे मामले की गहराई से जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
छवि: Andre Mouton (Pexels)
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