देश की युवा तीरंदाज शीतल देवी ने एशियाई पैरा खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है, जिस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें हार्दिक बधाई संदेश भेजा है। बिना भुजाओं के जन्मी शीतल देवी ने अपनी असाधारण मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया, जो लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि शीतल देवी की यह उपलब्धि केवल खेल जगत की जीत नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प और साहस की मिसाल है। उन्होंने कहा कि इस तरह की उपलब्धियां देश के हर युवा को प्रेरित करती हैं कि शारीरिक चुनौतियां किसी के सपनों को रोक नहीं सकतीं, यदि इरादा मजबूत हो।
Jammu and Kashmir की रहने वाली शीतल देवी ने तीरंदाजी की अपनी अनोखी तकनीक से दुनियाभर के खेल प्रेमियों का ध्यान आकर्षित किया है। वे पैरों से धनुष पकड़कर निशाना साधती हैं, जो इस खेल में बेहद दुर्लभ और प्रशंसनीय कौशल माना जाता है। एशियाई पैरा खेलों में उनके इस प्रदर्शन से भारत के पदक तालिका में भी इजाफा हुआ है।
खेल जगत से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि शीतल देवी की यह जीत आने वाले पैरालंपिक खेलों के लिए भी भारत की उम्मीदों को मजबूत करती है। उनकी इस सफलता पर देशभर से बधाइयों का तांता लगा हुआ है और सोशल मीडिया पर भी उनकी प्रशंसा की जा रही है।
सरकार की ओर से पैरा एथलीटों को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं देने के प्रयासों का जिक्र करते हुए यह भी कहा गया कि ऐसे खिलाड़ियों का समर्थन करना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन करते रहें।
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