क्वांटम प्रौद्योगिकी को मिलेगी नई मजबूती, TDB और QNu Labs के बीच 150 करोड़ रुपए का करार
देश में क्वांटम तकनीक और सुरक्षित संचार प्रणाली को अगले स्तर पर ले जाने के उद्देश्य से एक बड़ा कदम उठाया गया है। प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB) ने बेंगलुरु स्थित क्वांटम तकनीक कंपनी QNu Labs के साथ 150 करोड़ रुपए के वित्तीय सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का मुख्य लक्ष्य अनुसंधान, विकास और नवाचार से जुड़ी गतिविधियों को रफ्तार देना है, ताकि भारत वैश्विक स्तर पर क्वांटम तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी देशों की कतार में शामिल हो सके।
TDB द्वारा जारी बयान के अनुसार, यह समझौता देश में आत्मनिर्भर और सुरक्षित डिजिटल ढांचे के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। आज के दौर में जब साइबर हमलों और डेटा सुरक्षा से जुड़े खतरे लगातार बढ़ रहे हैं, ऐसे में क्वांटम-आधारित सुरक्षित संचार तकनीक रणनीतिक और व्यावसायिक, दोनों दृष्टियों से बेहद अहम मानी जा रही है। इस सहयोग से मिलने वाली धनराशि का उपयोग उन्नत शोध परियोजनाओं, उत्पाद विकास और नई तकनीकों के व्यावसायीकरण में किया जाएगा।
QNu Labs लंबे समय से क्वांटम की-डिस्ट्रिब्यूशन और क्वांटम-रैंडम नंबर जनरेशन जैसी तकनीकों पर काम कर रही है, जिनका इस्तेमाल बैंकिंग, रक्षा, दूरसंचार और सरकारी संस्थानों में सुरक्षित डेटा आदान-प्रदान के लिए किया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में पारंपरिक एन्क्रिप्शन प्रणालियां क्वांटम कंप्यूटिंग की क्षमताओं के सामने कमजोर पड़ सकती हैं, ऐसे में स्वदेशी रूप से विकसित क्वांटम-सुरक्षित तकनीक राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से बेहद जरूरी हो जाती है।
TDB के अधिकारियों ने इस अवसर पर कहा कि यह समझौता केवल वित्तीय सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश में गहन तकनीकी अनुसंधान की संस्कृति को बढ़ावा देने का एक प्रयास है। बोर्ड का उद्देश्य ऐसे स्टार्टअप्स और संस्थानों को समर्थन देना है जो भविष्य की तकनीकों पर काम कर रहे हैं और जिनमें वैश्विक प्रतिस्पर्धा में खड़े होने की क्षमता है।
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के तहत पहले ही इस क्षेत्र में भारी निवेश की घोषणा कर चुकी है, जिसका मकसद अगले कुछ वर्षों में क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम संचार और क्वांटम सेंसिंग जैसे क्षेत्रों में भारत को आत्मनिर्भर बनाना है। TDB और QNu Labs के बीच हुआ यह ताजा समझौता इसी व्यापक रणनीति की एक कड़ी माना जा रहा है, जो आने वाले समय में भारत की डिजिटल सुरक्षा और तकनीकी स्वावलंबन को नई दिशा दे सकता है।
छवि: PIB
Discover more from United India Live
Subscribe to get the latest posts sent to your email.




