आज़म ख़ान ने ठुकराई वाई श्रेणी सुरक्षा, बोले— “यह मामला सिर्फ सुरक्षा का नहीं, बल्कि उस भरोसे का है
दिल्ली। सपा नेता आजम खान ने जेल से रिहाई के बाद प्रदेश सरकार द्वारा दी गई वाई श्रेणी की सुरक्षा लेने से साफ इनकार कर दिया है। सोमवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि बिना लिखित आदेश के किसी भी सुरक्षा दस्ते पर भरोसा नहीं किया जा सकता।
आजम खान ने तीखे शब्दों में कहा, “मुझे नहीं पता कि ये लोग जो वर्दी पहने घूम रहे हैं, सच में सरकार के हैं या नहीं। मेरी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि मैं इन सुरक्षाकर्मियों के लिए गाड़ी और पेट्रोल का खर्च उठा सकूं।”
उन्होंने आगे कहा, “मुझे 21 साल की सजा और 36 लाख रुपये का जुर्माना भुगतना है। ऐसे में मैं यह सुरक्षा कैसे स्वीकार करूं? हमारे विरोधियों के पास केंद्र सरकार की सुरक्षा है, जबकि हमने हमेशा संविधान और लोकतंत्र की बात की — फिर भी हमें संदेह की निगाह से देखा जाता है।”
आजम खान ने व्यंग्य करते हुए कहा, “अगर मेरे साथ कोई हादसा हो भी जाए तो फर्क क्या पड़ेगा? विधानसभा और लोकसभा में बस एक शोकसभा हो जाएगी। कह देंगे कि ‘मरहूम बड़े अच्छे इंसान थे’, पर ये नहीं बताएंगे कि उन्हें मुर्गी और बकरी चोरी जैसे झूठे मामलों में फंसाया गया था।”
वहीं, जनपद के एसपी विद्या सागर मिश्र ने इस पूरे मामले पर अनभिज्ञता जताई है। उन्होंने कहा कि “अब तक इस विषय पर कोई आधिकारिक पत्र या आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।”
आजम खान के इस बयान ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। एक ओर वे सरकार की नीयत पर सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी ओर अपनी आर्थिक और मानसिक स्थिति को लेकर भी खुलकर सामने आ रहे हैं।
यह मामला सिर्फ सुरक्षा का नहीं, बल्कि उस भरोसे का है जो सत्ता और व्यवस्था के बीच से धीरे-धीरे खत्म होता जा रहा है।
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