नई दिल्ली। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के राष्ट्रीय प्रवक्ता और उत्तर प्रदेश में पार्टी का चर्चित चेहरा रहे आसिम वकार ने AIMIM से अपना नाता तोड़ लिया है। उन्होंने दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय, प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी मौजूद रहे।
कांग्रेस में शामिल होने के बाद आसिम वकार ने कहा कि उनका उद्देश्य देश, लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता की रक्षा के लिए काम करना है। उन्होंने कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में भाजपा के खिलाफ प्रभावी लड़ाई कांग्रेस ही लड़ रही है।
वकार ने कहा कि AIMIM में रहते हुए उन्हें महसूस हुआ कि भाजपा को सत्ता से हटाने की बात तो होती है, लेकिन व्यवहार में भाजपा के बजाय कांग्रेस को निशाना बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से उन्होंने कांग्रेस में शामिल होने का फैसला किया है। उनके मुताबिक राहुल गांधी लगातार भाजपा के खिलाफ राजनीतिक संघर्ष कर रहे हैं।
टिकट की इच्छा से कांग्रेस में नहीं आया
आसिम वकार ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस में उनका प्रवेश किसी चुनावी टिकट की उम्मीद के साथ नहीं हुआ है। उन्होंने अपने पुराने राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि वह करीब दो दशक तक समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे और इस दौरान उन्होंने कभी व्यक्तिगत लाभ के लिए ट्रांसफर या पोस्टिंग जैसी सिफारिश नहीं की।
वकार ने अपने पुराने राजनीतिक बयानों का भी जिक्र किया। उन्होंने हुमायूं कबीर से जुड़े आरोपों और बाबरी मस्जिद के निर्माण को लेकर किए गए अपने दावों को दोहराया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए इन्हें आसिम वकार के दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
राजेंद्र पाल गौतम ने किया स्वागत
कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने आसिम वकार का पार्टी में स्वागत करते हुए कहा कि देश में लोकतंत्र और सभी वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी आम लोगों और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए आवाज उठा रहे हैं और इसी विचारधारा से प्रभावित होकर वकार कांग्रेस में आए हैं।
अजय राय बोले, मजबूत आवाज कांग्रेस के साथ आई
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने आसिम वकार के कांग्रेस में शामिल होने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि वकार लंबे समय से समाज के मुद्दों को मजबूती और बेबाकी के साथ उठाते रहे हैं। राय के मुताबिक उनकी राजनीतिक सोच और कांग्रेस के विचारों में काफी समानता है।
यूपी में AIMIM का प्रमुख चेहरा रहे वकार
आसिम वकार पिछले करीब दस वर्षों से AIMIM से जुड़े हुए थे। उत्तर प्रदेश में वह पार्टी के प्रमुख प्रवक्ताओं और चर्चित नेताओं में शामिल रहे। राष्ट्रीय समाचार चैनलों की बहसों में AIMIM का पक्ष मजबूती से रखने के कारण उनकी पहचान पार्टी के प्रमुख चेहरों के तौर पर बनी।
AIMIM में आने से पहले वकार लंबे समय तक समाजवादी पार्टी से भी जुड़े रहे। उनके कांग्रेस में शामिल होने से उत्तर प्रदेश में AIMIM को संगठनात्मक स्तर पर नुकसान पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले आसिम वकार का कांग्रेस में जाना महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है। AIMIM पहले भी उत्तर प्रदेश में चुनावी मैदान में उतर चुकी है, लेकिन उसे विधानसभा में अपेक्षित सफलता नहीं मिली। 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी कई सीटों पर चुनाव लड़ी थी, लेकिन एक भी सीट जीतने में कामयाब नहीं रही।
अब वकार के कांग्रेस में जाने के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इसका उत्तर प्रदेश में AIMIM के संगठन और आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति पर कितना असर पड़ता है।
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