मयूर विहार फेस-3 में व्यवस्था बेहाल, अतिक्रमण के कारण न खड़े होने की जगह, न पार्किंग की सुविधा
पूर्वी दिल्ली। कोंडली विधानसभा क्षेत्र का मयूर विहार फेस-3 इन दिनों अव्यवस्था, अतिक्रमण, गंदगी, जलभराव और सुरक्षा संबंधी समस्याओं से जूझ रहा है। स्थानीय लोगों में एमसीडी और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी लगातार बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि इलाके में बढ़ते अतिक्रमण ने रोजमर्रा की जिंदगी मुश्किल कर दी है।
न फुटपाथ बचा, न खड़े होने की जगह
क्षेत्र के कई हिस्सों में रेहड़ी-पटरी, दुकानों और वाहन मरम्मत करने वालों ने फुटपाथ से लेकर सड़क के बड़े हिस्से तक कब्जा कर रखा है। हालात यह हैं कि लोगों के लिए सड़क किनारे कुछ देर खड़े होने तक की जगह नहीं बची है।
पैदल चलने वालों को सड़क पर चलना पड़ता है और वाहन चालकों को भी रास्ता निकालने में परेशानी होती है। अतिक्रमण के कारण सड़कें लगातार संकरी होती जा रही हैं।
पार्किंग की जगह नहीं, सड़कें बनी पार्किंग
अतिक्रमण और अनियोजित तरीके से खड़े वाहनों के कारण क्षेत्र में पार्किंग की समस्या भी गंभीर हो गई है। लोगों का कहना है कि न तो पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था है और न ही वाहनों को व्यवस्थित तरीके से खड़ा करने की जगह।
नतीजा यह है कि सड़क के किनारे, फुटपाथ और जहां थोड़ी-बहुत जगह मिलती है, वहां वाहन खड़े कर दिए जाते हैं। इससे पहले से संकरी सड़कें और भी संकरी हो जाती हैं तथा जाम और दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
सपेरा बस्ती से पॉकेट ए-3 एलआईजी फ्लैट्स तक फुटपाथ पर कार मैकेनिकों के कब्जे की शिकायत है। पॉकेट ए-3 से रेडफॉक्स होटल, शिव मंदिर मार्ग, हनुमान मंदिर मार्ग तथा पॉकेट बी-6 से गौतम पब्लिक स्कूल होते हुए ए-ब्लॉक डेयरी फार्म तक सड़क किनारे अतिक्रमण की शिकायतें स्थानीय लोगों ने की हैं।
कोंडली शौचालय तिराहे से घड़ौली गांव तक बाइक रिपेयर की दुकानों और अन्य गतिविधियों के कारण भी आवागमन प्रभावित होने की शिकायत है। कोंडली सब्जी मंडी और राजवीर कॉलोनी में भी अतिक्रमण लोगों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि फुटपाथ और सड़क के किनारे अतिक्रमण हटाकर पैदल चलने वालों के लिए जगह बनाई जाए तथा व्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था की जाए तो इलाके की यातायात समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।
बारिश में खुल जाती है व्यवस्था की पोल
केरला स्कूल से सलवान और सेंट मेरी स्कूल तक बारिश के दौरान जलभराव और गंदगी की समस्या सामने आती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जलनिकासी व्यवस्था की कमी के कारण बारिश के बाद कई स्थानों पर लोगों को पानी और कीचड़ के बीच से गुजरना पड़ता है।
पार्कों में सुरक्षा को लेकर चिंता
क्षेत्र के पार्कों में असामाजिक तत्वों और नशा करने वालों की मौजूदगी को लेकर भी स्थानीय लोग चिंतित हैं। उनका आरोप है कि इसके कारण महिलाएं और बुजुर्ग पार्कों में जाने से असहज महसूस करते हैं।
डेयरी फार्म के डीडीए पार्क में कुछ माह पहले युवक की चाकू मारकर हत्या की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे। मिक्स हाउसिंग सोसायटी में युवती से कथित छेड़छाड़ का विरोध करने पर मारपीट की घटना का भी स्थानीय लोगों ने उल्लेख किया है।
नशे की कथित बिक्री पर सवाल
स्थानीय लोगों ने कुछ स्थानों पर पान, गुटखा और सिगरेट की दुकानों की आड़ में शराब और अन्य नशीले पदार्थों की कथित बिक्री के आरोप लगाए हैं। सेंट मेरी स्कूल के पास सरकारी अस्पताल के गेट के बाहर स्थित कुछ खोखों को लेकर भी देर रात तक शराब और गांजे की कथित बिक्री की शिकायतें सामने आई हैं।
इन आरोपों की सत्यता जांच का विषय है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित विभागों को मौके पर जांच कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
सड़क और नाली निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि सड़क और नाली निर्माण के कुछ समय बाद ही कई जगह टूट-फूट शुरू हो जाती है। लोगों की मांग है कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच हो और यदि कहीं लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय की जाए।
अब सवाल प्रशासन से
मयूर विहार फेस-3 के लोगों का सवाल है कि जब सड़कें अतिक्रमण से घिरी हों, फुटपाथ पर कब्जा हो, वाहन खड़े करने की जगह न हो, पार्कों में सुरक्षा को लेकर चिंता हो और बारिश में जलभराव की समस्या बनी रहे तो आखिर नागरिक किससे उम्मीद करें?
स्थानीय लोगों की मांग है कि एमसीडी और दिल्ली पुलिस संयुक्त रूप से इलाके का निरीक्षण करें, अतिक्रमण हटाएं, फुटपाथ खाली कराएं, व्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था करें, सफाई और जलनिकासी की समस्या दूर करें तथा नशे और असामाजिक गतिविधियों की शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई करें।
मयूर विहार फेस-3 के निवासी अब सिर्फ आश्वासन नहीं, जमीन पर कार्रवाई चाहते हैं।जाएंगी?
Discover more from United India Live
Subscribe to get the latest posts sent to your email.














