DDU-GKY 2.0 योजना: अक्टूबर 2026 से देशभर में 70,000 ग्रामीण युवाओं को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी दीनदयाल उपाध्याय-ग्रामीण कौशल्य योजना यानी DDU-GKY के दूसरे चरण को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। ग्रामीण विकास मंत्रालय की इस पहल के तहत अक्टूबर 2026 से देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में करीब 70,000 ग्रामीण युवाओं को व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण मुहैया कराया जाएगा। यह योजना विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को रोजगार के लायक बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से चलाई जा रही है।
DDU-GKY 2.0 के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को विभिन्न उद्योगों की मांग के अनुरूप कौशल सिखाया जाएगा, जिससे उन्हें नौकरी पाने में आसानी हो। योजना का मुख्य लक्ष्य गरीब और वंचित परिवारों से आने वाले युवक-युवतियों को प्रशिक्षित कर उन्हें औपचारिक रोजगार क्षेत्र से जोड़ना है। इससे न केवल बेरोजगारी की समस्या कम होगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, यह योजना पहले चरण की सफलता को आगे बढ़ाते हुए बनाई गई है, जिसमें लाखों युवाओं को पहले ही प्रशिक्षित किया जा चुका है। दूसरे चरण में प्रशिक्षण की गुणवत्ता और रोजगार दर बढ़ाने पर खास ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए विभिन्न राज्यों में प्रशिक्षण केंद्रों का विस्तार किया जाएगा और निजी क्षेत्र की कंपनियों के साथ भी साझेदारी की जाएगी ताकि प्रशिक्षण के बाद युवाओं को सीधे नौकरी के अवसर मिल सकें।
योजना के तहत युवाओं को न केवल तकनीकी कौशल सिखाया जाएगा, बल्कि व्यक्तित्व विकास, संवाद कौशल और डिजिटल साक्षरता जैसे विषयों पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे प्रशिक्षु न केवल तकनीकी रूप से सक्षम बनेंगे, बल्कि आधुनिक कार्यस्थल की जरूरतों के अनुसार खुद को ढाल भी सकेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की योजनाएं ग्रामीण भारत में कौशल विकास और रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी। इससे शहरों की ओर पलायन कम होगा और ग्रामीण युवा अपने ही क्षेत्र में या नजदीकी शहरों में रोजगार पा सकेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में इस योजना का दायरा और बढ़ाया जाए ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण युवाओं को इसका लाभ मिल सके।
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