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Labor Revolt in Noida: सुलग उठा औद्योगिक क्षेत्र, हिंसा में पुलिसकर्मी घायल, 100 से अधिक हिरासत में

Labor Revolt in Noida नोएडा | 13 अप्रैल, 2026 नोएडा के औद्योगिक गलियारों में आज का दिन ‘ब्लैक मंडे’ साबित हुआ। वेतन वृद्धि और श्रम कानूनों के उल्लंघन के खिलाफ शुरू हुआ श्रमिकों का शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन देखते ही देखते एक भीषण हिंसक संघर्ष में बदल गया। नोएडा फेज-2, होजरी कॉम्प्लेक्स, सेक्टर-80, 81 और 85 के इलाकों में स्थिति युद्ध जैसे मैदान में तब्दील हो गई है।

प्रमुख घटनाक्रम: आगजनी और भीषण पथराव
Labor Revolt in Noida सुबह करीब 8:30 बजे जैसे ही फैक्ट्रियों में काम शुरू होने का समय हुआ, हजारों श्रमिक काम का बहिष्कार कर सड़कों पर निकल आए।
हिंसा का तांडव: प्रदर्शनकारियों ने आधा दर्जन से अधिक निजी कारों, दो पुलिस पीसीआर वैन और एक निजी कंपनी की बस को आग के हवाले कर दिया।
फैक्ट्रियों पर हमला: उग्र भीड़ ने बड़ी कंपनियों के गेट तोड़ दिए और कैंपस के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों और गार्ड रूम में तोड़फोड़ की।
पुलिस के साथ झड़प: पथराव में कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने करीब 50 राउंड आंसू गैस के गोले दागे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ग्रेटर नोएडा में सेमीकॉन इंडिया 2024 का उद्घाटन किया

क्या है विवाद की असली जड़?
श्रमिकों का आरोप है कि महंगाई के इस दौर में उनका मौजूदा वेतन बहुत कम है। उनकी मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:

  1. वेतन विसंगति: हरियाणा के औद्योगिक शहरों के समान 20,000 रुपये न्यूनतम मासिक वेतन की मांग।
  2. दमनकारी नीतियां: 12-12 घंटे काम कराने और ओवरटाइम का सही भुगतान न मिलने का आरोप।
  3. छंटनी का डर: हाल ही में कुछ बड़ी गारमेंट एक्सपोर्ट यूनिट्स द्वारा की गई छंटनी ने इस गुस्से को बढ़ाया है।

प्रशासनिक सख्ती और गिरफ्तारियां
Labor Revolt in Noida गौतम बुद्ध नगर पुलिस ने घटना को गंभीरता से लेते हुए पूरे क्षेत्र को छावनी में बदल दिया है। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन फुटेज के आधार पर हिंसा में शामिल 100 से अधिक उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है। पूरे औद्योगिक क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी गई है। पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि कानून को हाथ में लेने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

आर्थिक और सार्वजनिक प्रभाव

नोएडा एंट्रेप्रेन्योर्स एसोसिएशन के अनुसार, इस तोड़फोड़ से उद्यमियों को लगभग 200 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और लिंक रोड्स पर यातायात अभी भी प्रभावित है।

सरकार का रुख
प्रदेश सरकार ने श्रम विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत नोएडा पहुँचने के निर्देश दिए हैं। श्रम मंत्री ने कहा है कि श्रमिकों की जायज मांगों पर विचार किया जाएगा, लेकिन अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विशेष अपील: प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें और शांति बनाए रखें।


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