भारतीय नौसेना का युद्धपोत INS Trishul द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास कोंकण-2026 में शामिल होने के लिए ब्रिटेन के बंदरगाह शहर Plymouth पहुंच गया है। यह अभ्यास भारत और ब्रिटेन की नौसेनाओं के बीच आपसी तालमेल और संचालन क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है।
कोंकण श्रृंखला के अभ्यास भारतीय नौसेना और Royal Navy के बीच लंबे समय से चली आ रही सैन्य साझेदारी का हिस्सा हैं, जिनमें दोनों देशों के जहाज़ समुद्री सुरक्षा, नौवहन संचालन और संयुक्त युद्धाभ्यास से जुड़े विभिन्न अभ्यासों में हिस्सा लेते हैं। Plymouth पहुंचने के बाद INS Trishul के चालक दल और Royal Navy के अधिकारियों के बीच औपचारिक स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए जाने की संभावना है, जिसके बाद दोनों नौसेनाएं संयुक्त रूप से समुद्री अभ्यास की तैयारियों में जुटेंगी।
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, कोंकण-2026 अभ्यास न केवल दोनों देशों की नौसैनिक क्षमताओं को परखने का अवसर है, बल्कि यह भारत और ब्रिटेन के बीच बढ़ते रणनीतिक और रक्षा सहयोग का भी प्रतीक है। हाल के वर्षों में दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी अभियानों और संयुक्त गश्त जैसे क्षेत्रों में अपनी साझेदारी को लगातार विस्तार दिया है।
इस अभ्यास के दौरान दोनों देशों के युद्धपोत समुद्र में विभिन्न चरणों में अभ्यास करेंगे, जिनमें सतह से सतह पर संचालन, वायु रक्षा अभ्यास और खोज एवं बचाव कार्यों का अनुकरण शामिल हो सकता है। भारतीय नौसेना के अधिकारियों ने इस अवसर को दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग को और गहरा करने वाला बताया है।
इससे पहले भी भारतीय नौसेना के जहाज़ों ने कोंकण श्रृंखला के तहत ब्रिटेन के विभिन्न बंदरगाहों की यात्रा की है और संयुक्त अभ्यासों में भाग लिया है। INS Trishul की यह यात्रा भारतीय नौसेना की वैश्विक उपस्थिति और समुद्री कूटनीति को दर्शाने वाली एक और कड़ी मानी जा रही है।
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