कोंडली विधानसभा : सुबह चार बजे युवक की पीट पीट कर हत्या, मयूर विहार फेज-3 बना अपराधियों का अड्डा!
सुबह-सुबह मिक्स हाउसिंग सोसाइटी के गेट के बाहर युवक की हत्या से दहशत, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
नई दिल्ली। कोंडली विधानसभा क्षेत्र के मयूर विहार फेज-3 में लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं ने स्थानीय निवासियों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों का आरोप है कि इलाके में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और पुलिस की मौजूदगी न के बराबर दिखाई देती है। हालात ऐसे हैं कि लोगों का घरों से बाहर निकलना तक मुश्किल होता जा रहा है।
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, इलाके में पान की दुकानों पर कथित रूप से शराब और गांजे की बिक्री हो रही है। वहीं शराब के ठेकों की बढ़ती संख्या को लेकर भी लोगों में नाराजगी है। आरोप है कि खुलेआम चल रही इन गतिविधियों के बावजूद पुलिस की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
सुबह चार बजे लाठी-डंडों से युवक की पिटाई
रविवार सुबह मिक्स हाउसिंग सोसाइटी के मंदिर वाले गेट के बाहर युवक की हत्या की खबर से सोसाइटी के लोगों में हड़कंप मच गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोसाइटी के गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड ने बताया कि सुबह करीब 4 बजे कुछ लोग एक युवक को लाठी-डंडों से बुरी तरह पीट रहे थे।
गार्ड ने घटना की सूचना पुलिस को दी। लेकिन पुलिस के पहुंचने तक आरोपी मौके से फरार हो चुके थे और युवक गंभीर हालत में बेसुध पड़ा था। पुलिस ने युवक को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने फिलहाल अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, घटना के बाद स्थानीय लोगों में यह सवाल उठ रहा है कि यदि रात के समय पुलिस की नियमित गश्त और प्रभावी निगरानी होती तो क्या इस तरह की घटना को रोका जा सकता था?
तीन महीने में दो हत्याएं और एक हत्या का प्रयास?
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले करीब तीन महीनों में क्षेत्र में दो हत्या की घटनाएं और एक हत्या के प्रयास की घटना सामने आ चुकी है। इसके बावजूद पुलिस व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आ रहा है।
निवासियों का आरोप है कि पिछली घटनाओं से पुलिस ने कोई सबक नहीं लिया। पुलिस नाकेबंदी, रात की गश्त और PCR की सक्रिय मौजूदगी दिखाई नहीं देती, जिसका फायदा अपराधी उठा रहे हैं।
पुलिस की मौजूदगी पर उठे सवाल
लोगों का कहना है कि जब अपराध लगातार बढ़ रहा है तो पुलिस की सक्रियता भी जमीन पर दिखाई देनी चाहिए। रात के समय संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और अवैध शराब व नशीले पदार्थों की बिक्री पर सख्त कार्रवाई की जरूरत है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि लगातार आपराधिक घटनाओं के बावजूद पुलिस नागरिकों की सुरक्षा के प्रति चाक-चौबंद क्यों नजर नहीं आ रही है?
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पुलिस की कथित लापरवाही के कारण अपराधियों के हौसले बढ़ रहे हैं और क्षेत्र में भय का माहौल पैदा हो रहा है। अब देखना यह है कि ताजा हत्या की घटना के बाद पुलिस महज अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच तक सीमित रहती है या अपराधियों की धरपकड़ के साथ इलाके में पुलिस व्यवस्था को भी मजबूत करती है।
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