Operation Sindoor: आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति में आया बड़ा बदलाव, रक्षा मंत्री ने गिनाए बालाकोट और सर्जिकल स्ट्राइक जैसे फैसले
नई दिल्ली। देश की सुरक्षा नीति को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा है कि Operation Sindoor, Balakot हवाई हमला और सर्जिकल स्ट्राइक जैसी घटनाएं इस बात का प्रमाण हैं कि भारत अब आतंकवाद के मुद्दे पर केवल कूटनीतिक विरोध दर्ज कराने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सीधी और निर्णायक कार्रवाई की राह अपना चुका है।
रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि पिछले कुछ वर्षों में भारत की रणनीतिक सोच में व्यापक परिवर्तन देखने को मिला है। पहले जहां सीमा पार से होने वाली आतंकी घटनाओं पर भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कड़ी निंदा करके अपनी आपत्ति जताता था, वहीं अब देश ने यह रुख अपनाया है कि आतंकवाद के स्रोतों को सीधे निशाना बनाकर जवाब दिया जाएगा। उन्होंने इसे भारत की सुरक्षा नीति में आए ‘निर्णायक मोड़’ के रूप में वर्णित किया।
अपनी बात को पुख्ता करने के लिए उन्होंने तीन बड़ी सैन्य कार्रवाइयों का जिक्र किया। सबसे पहले उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक का उल्लेख किया, जो नियंत्रण रेखा पार आतंकी ठिकानों पर की गई सटीक कार्रवाई थी। इसके बाद उन्होंने Balakot एयर स्ट्राइक का जिक्र किया, जिसमें भारतीय वायुसेना ने सीमा पार जाकर आतंकी प्रशिक्षण शिविरों को निशाना बनाया था। सबसे अंत में उन्होंने हाल ही में संचालित Operation Sindoor का हवाला दिया, जिसे उन्होंने भारत की बदलती सैन्य रणनीति का ताजा और सबसे मजबूत उदाहरण बताया।
रक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि इन तीनों अभियानों के पीछे एक समान संदेश छिपा है – भारत अब आतंकवाद को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है और जरूरत पड़ने पर सीमा के भीतर जाकर भी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि यह बदलाव केवल सैन्य क्षमता का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि देश की राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व अब आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति पर पूरी तरह अमल कर रहा है।
अपने संबोधन में उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि इन कार्रवाइयों से यह संदेश वैश्विक स्तर पर भी गया है कि भारत अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी यदि देश की सीमाओं या नागरिकों की सुरक्षा को खतरा पहुंचाने का प्रयास किया गया, तो भारत पूर्व की भांति सख्त और तत्काल जवाब देगा।
रक्षा मंत्री के इस बयान को राजनीतिक और सामरिक विश्लेषकों द्वारा भारत की आतंकवाद विरोधी नीति में आए स्पष्ट परिवर्तन के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सक्रिय सैन्य रणनीति ने न केवल सीमा पार आतंकी गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद की है, बल्कि देश की जनता के बीच सुरक्षा बलों के प्रति विश्वास को भी मजबूत किया है।
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