प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Jaigopal Garodia Hindu Vidyalaya के स्वर्ण जयंती समारोह के अवसर पर अपना संदेश साझा करते हुए विद्यालय की पचास वर्षों की शैक्षणिक यात्रा को देश के लिए गर्व का विषय बताया। इस कार्यक्रम में उन्होंने विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, पूर्व छात्रों और वर्तमान विद्यार्थियों को इस ऐतिहासिक पड़ाव पर बधाई दी।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की पचास वर्षों की यात्रा केवल एक आंकड़ा नहीं होती, बल्कि यह समाज के प्रति समर्पण और संस्कारों के संचार की गवाही होती है। उन्होंने विद्यालय द्वारा वर्षों से दी जा रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संस्थान देश के भविष्य को गढ़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रधानमंत्री ने इस मौके पर देश में शिक्षा व्यवस्था में हो रहे बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के माध्यम से सरकार विद्यार्थियों को कौशल आधारित और संस्कार युक्त शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारतीय मूल्यों के साथ आधुनिक ज्ञान का समन्वय ही आने वाली पीढ़ियों को सशक्त बनाएगा।
संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने विद्यालय के संस्थापकों और उन सभी शिक्षकों को भी स्मरण किया, जिन्होंने अपने अथक प्रयासों से इस संस्थान को आज के मुकाम तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि ऐसे शैक्षणिक संस्थान न केवल शिक्षा देते हैं, बल्कि समाज में अनुशासन, नैतिकता और नेतृत्व क्षमता का भी संचार करते हैं।
इस समारोह में विद्यालय से जुड़े पूर्व छात्र, अभिभावक, शिक्षकगण और स्थानीय गणमान्य व्यक्ति भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर प्रधानमंत्री ने विद्यालय के उज्ज्वल भविष्य और आगामी वर्षों में और अधिक उपलब्धियों की कामना करते हुए अपना संबोधन समाप्त किया।
यह समारोह शिक्षा जगत में एक महत्वपूर्ण आयोजन के रूप में देखा जा रहा है, जहां प्रधानमंत्री स्तर से मिली सराहना ने विद्यालय प्रबंधन और छात्रों का उत्साह और बढ़ा दिया है।
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