तटीय और जलमार्ग माल ढुलाई: Sarbananda Sonowal का 2047 तक हिस्सेदारी 12% तक पहुंचाने का लक्ष्य
केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री Sarbananda Sonowal ने देश की माल ढुलाई प्रणाली को नया आकार देने वाली एक महत्वाकांक्षी रूपरेखा सार्वजनिक की है। उन्होंने बताया कि आने वाले वर्षों में सरकार तटीय शिपिंग और अंतर्देशीय जलमार्गों के जरिए होने वाले माल परिवहन की हिस्सेदारी को वर्तमान स्तर से दोगुना कर वर्ष 2047 तक 12 प्रतिशत तक ले जाने की दिशा में काम करेगी।
मंत्री के अनुसार, भारत के विशाल समुद्र तट और नदी नेटवर्क का पूरा लाभ अब तक माल परिवहन क्षेत्र में नहीं उठाया जा सका है, जबकि सड़क और रेल मार्गों पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि जलमार्गों के माध्यम से सामान ढोना न केवल अपेक्षाकृत सस्ता विकल्प है, बल्कि इससे कार्बन उत्सर्जन में भी उल्लेखनीय कमी आएगी, जो देश के पर्यावरणीय लक्ष्यों के अनुरूप है।
इस योजना के तहत बंदरगाहों की क्षमता बढ़ाने, नदी मार्गों को आधुनिक बनाने और तटीय जहाजरानी को प्रोत्साहित करने वाली नीतियों पर विशेष बल दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे न केवल रसद लागत घटेगी बल्कि उद्योगों को भी प्रतिस्पर्धी बढ़त मिलेगी, जिससे अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ होगा।
Sonowal ने यह भी स्पष्ट किया कि यह पहल केवल बुनियादी ढांचे के विकास तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसमें निजी निवेश आकर्षित करने, नई तकनीकों को अपनाने और कुशल जनशक्ति तैयार करने जैसे पहलू भी शामिल होंगे। उनका कहना है कि यदि यह लक्ष्य समय पर हासिल किया गया, तो भारत वैश्विक समुद्री व्यापार में एक मजबूत और भरोसेमंद साझेदार के रूप में उभरेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत की रसद प्रणाली में संरचनात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकता है, बशर्ते इसे समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए।
छवि: PIB
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