Shivraj Singh Chouhan का सख्त फैसला, रिश्वतखोरी में फंसे अधिकारी पर गिरी सस्पेंशन की तलवार
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने भ्रष्टाचार के मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति को दोहराते हुए एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। मंत्री को यह शिकायत मिली थी कि उनके मंत्रालय से जुड़े एक विभाग के अधिकारी द्वारा किसी काम को अंजाम देने के बदले रिश्वत की मांग की जा रही है। इस शिकायत की गंभीरता को समझते हुए Shivraj Singh Chouhan ने तत्काल जांच के आदेश दिए और मामले की पुष्टि होने के बाद संबंधित अधिकारी को निलंबित करने का फैसला लिया।
जानकारी के अनुसार, यह शिकायत आम नागरिकों या किसानों की ओर से मंत्रालय तक पहुंचाई गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि सामान्य प्रशासनिक कार्य को पूरा करने के एवज में अधिकारी नाजायज रकम की मांग कर रहा था। इस तरह की शिकायतें सामने आने के बाद मंत्रालय हरकत में आया और मामले की तह तक जाने के लिए अंदरूनी जांच शुरू की गई। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर मंत्री ने बिना किसी देरी के अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे सेवा से निलंबित कर दिया।
केंद्रीय मंत्री ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकारी दफ्तरों में बैठकर आम जनता या किसानों से पैसे मांगना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि प्रशासनिक व्यवस्था को पारदर्शी और जनहितैषी बनाना उनकी प्राथमिकता है और इसके लिए भ्रष्ट कर्मचारियों तथा अधिकारियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसी किसी भी शिकायत को हल्के में नहीं लिया जाएगा और दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस निलंबन की खबर सामने आने के बाद विभागीय गलियारों में हड़कंप मच गया है। कई कर्मचारियों और अधिकारियों में यह चर्चा का विषय बन गया कि मंत्री स्वयं शिकायतों पर संज्ञान लेकर त्वरित कार्रवाई कर रहे हैं। जनता और किसान संगठनों की ओर से इस कार्रवाई की सराहना की जा रही है। लोगों का मानना है कि यदि मंत्रालय स्तर पर इस तरह की सक्रियता बनी रहे, तो भ्रष्टाचार पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, मंत्रालय ने आम जनता से भी आग्रह किया है कि यदि उन्हें किसी भी सरकारी कार्यालय में कामकाज के बदले रिश्वत मांगे जाने का अनुभव हो, तो वे बिना किसी डर के इसकी शिकायत संबंधित हेल्पलाइन या शिकायत पोर्टल पर दर्ज करें। मंत्रालय की ओर से आश्वासन दिया गया है कि हर शिकायत की गंभीरता से जांच की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि केंद्र सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज करने के मूड में है।
छवि: Yann (talk) (Wikimedia Commons)
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