नई दिल्ली। भारत के निर्वाचन आयोग ने Andhra Pradesh और Meghalaya में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया को लेकर बड़ा फैसला लिया है। आयोग ने इन दोनों राज्यों में मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण कार्य के लिए तय समय-सीमा को आगे बढ़ा दिया है। इस कदम से स्थानीय प्रशासन और चुनावी अधिकारियों को मतदाता सूची को अधिक सटीक और व्यवस्थित तरीके से तैयार करने का मौका मिलेगा।
आयोग की ओर से जारी बयान में बताया गया कि दोनों राज्यों में पुनरीक्षण से जुड़े कार्यों में तकनीकी और प्रशासनिक चुनौतियां सामने आई थीं, जिनके मद्देनज़र यह विस्तार दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और सुधारने की प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए अतिरिक्त समय आवश्यक समझा गया।
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि SIR प्रक्रिया का मकसद मतदाता सूचियों को त्रुटिरहित बनाना और हर पात्र नागरिक का नाम सूची में सुनिश्चित करना है। इसके तहत बूथ स्तर के अधिकारी घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करते हैं और दस्तावेजों का सत्यापन करते हैं। आयोग का कहना है कि नई तारीखों के अनुसार अब संबंधित राज्यों में पुनरीक्षण कार्य को और सुचारू रूप से पूरा किया जा सकेगा।
राजनीतिक हलकों में इस फैसले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ दलों ने इसे मतदाता सूची की शुद्धता के लिए सही कदम बताया है, जबकि कुछ का मानना है कि समय-सीमा बढ़ने से आगामी चुनावी तैयारियों पर असर पड़ सकता है। आयोग ने सभी पक्षों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम मतदाता सूची को सार्वजनिक रूप से प्रकाशित किया जाएगा, ताकि कोई भी आपत्ति या शिकायत दर्ज करा सके।
उल्लेखनीय है कि SIR प्रक्रिया देश भर में समय-समय पर चलाई जाती है ताकि मतदाता सूचियां अद्यतन रहें और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। Andhra Pradesh और Meghalaya में बढ़ी हुई समय-सीमा से उम्मीद है कि पुनरीक्षण कार्य और बेहतर तरीके से संपन्न हो सकेगा।
छवि: Election Commission of India (Wikimedia Commons)
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