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मतदाता सूची पुनरीक्षण में लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई, ज़िला निर्वाचन अधिकारियों की तय होगी ज़िम्मेदारी

विशेष संवाददाता लखनऊ, 25 अक्टूबर 2026
विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर अब सख्त कार्रवाई होगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश के कार्यालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाई जाने पर संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।

शनिवार (24 अक्टूबर) को समस्त मण्डलायुक्तों, जिला निर्वाचन अधिकारियों, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO), सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (AERO) और कंप्यूटर सहायकों के साथ आयोजित वर्चुअल बैठक में तैयारियों की समीक्षा की गई और कई कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए।

प्रमुख निर्देश और फैसले:

  • कंप्यूटर सहायकों द्वारा फॉर्म फीडिंग पर पूरी तरह रोक:
    भौतिक रूप से प्राप्त आवेदन फॉर्मों (फॉर्म-6, 7 और 8) की फीडिंग का कार्य अब कंप्यूटर सहायक बिल्कुल नहीं करेंगे। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी भौतिक फॉर्म केवल बूथ लेवल अधिकारी (BLO) द्वारा BLO ऐप के माध्यम से ही डिजिटाइज किए जाएं।
  • 10 अप्रैल से अब तक फीड हुए फॉर्मों की होगी अनिवार्य जांच:
    SIR की समाप्ति तिथि (10 अप्रैल, 2026) से लेकर अब तक कंप्यूटर सहायकों द्वारा फीड किए गए समस्त फॉर्मों की अनिवार्य रूप से जांच कराई जाएगी, ताकि पीलीभीत जैसे मामलों की पुनरावृत्ति न हो। गड़बड़ी मिलने पर ERO, AERO और कंप्यूटर सहायक के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-32 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
  • मण्डलायुक्त निभाएंगे ‘रोल प्रेक्षक’ की भूमिका:
    मण्डलायुक्तों को रोल प्रेक्षक (Roll Observer) के रूप में अपने मण्डल के जिलों में मतदाता सूची के कार्यों का सघन पर्यवेक्षण (Strict Supervision) करने के निर्देश दिए गए हैं।
  • डुप्लीकेट मतदाताओं की प्रविष्टियां हटेंगी:
    आगामी SSR में प्रकाशित होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची में कोई भी दोहरी (डुप्लीकेट) प्रविष्टि न रहे, इसके लिए समय रहते सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
  • शिकायतों के निस्तारण में देरी पर नाराजगी:
    बुलंदशहर, सीतापुर, गाजियाबाद और अलीगढ़ के जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा सोशल मीडिया पर प्रसारित डुप्लीकेट मतदाताओं की शिकायतों की रिपोर्ट समय पर न भेजने पर कड़ी अप्रसन्नता जताई गई और जल्द रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए।

तकनीकी एवं प्रशासनिक सुरक्षा पर जोर:

  1. लॉगिन क्रेडेंशियल की गोपनीयता: कोई भी अधिकारी अपना ERONET लॉगिन आईडी और पासवर्ड किसी के साथ साझा नहीं करेगा। पासवर्ड पॉलिसी के तहत तत्काल पासवर्ड बदलने के निर्देश दिए गए हैं।
  2. ECINET और BLO सेवाएं: ‘Book A Call With BLO’ सेवा के तहत नागरिकों से प्राप्त कॉल रिक्वेस्ट 48 घंटे से अधिक लंबित न रहे। बिना संपर्क किए ‘Unavailable’ मार्क करने वाले BLOs पर सख्त कार्रवाई होगी।
  3. संपर्क नंबर अपडेट: BSNL नेटवर्क बाधित होने की स्थिति से निपटने के लिए अधिकारियों को पोर्टल पर CUG नंबर की जगह अपने निजी मोबाइल नंबर अपडेट करने को कहा गया है।


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KD Siddiqui, संपादक, यूनाइटेड इंडिया लाइव
प्रिंट से डिजिटल तक 25 वर्षों की पत्रकारिता। KD Siddiqui यूनाइटेड इंडिया लाइव के संपादक हैं और राजनीति व समाज से जुड़ी खबरों पर लिखते हैं।

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