आज़मगढ़ वोटर लिस्ट विवाद: 5 BLO समेत कंप्यूटर सहायक पर गिरी गाज, अधिकारियों पर भी विभागीय कार्रवाई के निर्देश
लखनऊ। 24 अक्टूबर 2026। यूनाइटेड इंडिया लाइव | विशेष रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के मामले में जांच पूरी हो गई है। समाजवादी पार्टी द्वारा 15 अक्टूबर 2026 को आयोजित प्रेस वार्ता में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र संख्या 347-आजमगढ़ की मतदाता सूची में ‘विकास यादव’ नाम 10 बार दर्ज होने का आरोप लगाया गया था। मामले का संज्ञान लेते हुए कराई गई जांच में नामों की कई प्रविष्टियां सामने आई हैं। जांच के आधार पर संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।
मतदाता सूची में हिंदी में 13 बार दर्ज मिला ‘विकास यादव’ नाम
जिला निर्वाचन अधिकारी, आजमगढ़ से प्राप्त जांच रिपोर्ट के अनुसार, विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 347-आजमगढ़ की मतदाता सूची में हिंदी में ‘विकास यादव’ नाम 13 बार दर्ज पाया गया। हालांकि, समान नाम और समान पिता के नाम वाला एक मतदाता गोरखपुर जिले के चौरीचौरा विधानसभा क्षेत्र से संबंधित है, जिसकी प्रविष्टि आजमगढ़ की अन्य प्रविष्टियों से अलग है।
जांच में यह भी सामने आया कि आजमगढ़ की मतदाता सूची में नाम की 13 प्रविष्टियों में से दो को पहले ही नियमानुसार हटाने की कार्रवाई की जा चुकी थी। शेष 11 प्रविष्टियां जिले के 11 अलग-अलग व्यक्तियों से संबंधित पाई गईं। ये सभी व्यक्ति अपने-अपने गांवों में निवास कर रहे हैं।
इन 11 व्यक्तियों में वास्तविक विकास यादव को छोड़कर अन्य 10 व्यक्तियों के नाम और दूसरे विवरणों में संशोधन के लिए फॉर्म-8 भरवाए गए हैं, ताकि मतदाता सूची में उनकी सही पहचान और विवरण दर्ज किए जा सकें।
5 BLO और कंप्यूटर सहायक पर कार्रवाई के निर्देश
जांच में दोषी पाए गए मतदाता पंजीकरण केंद्र के कंप्यूटर सहायक और पांच बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को मतदाता सूची से संबंधित कार्यों से तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, उनकी सेवाएं समाप्त किए जाने के संबंध में नोटिस जारी करने को कहा गया है।
इसके अतिरिक्त, संबंधित कंप्यूटर सहायक और बूथ लेवल अधिकारियों के विरुद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 के तहत कार्रवाई से पहले नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित कर्मचारियों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिए जाने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
तत्कालीन निर्वाचन अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तैयारी
इस मामले में तत्कालीन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और दो सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की जिम्मेदारी भी निर्धारित की गई है। मतदाता सूची तैयार करने के कार्य में पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही और पर्यवेक्षण में शिथिलता बरतने के आरोप में उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही शुरू करने के लिए आरोप पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा, इन अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 के अंतर्गत कार्रवाई से पहले नोटिस जारी करने को कहा गया है।
पूरे आजमगढ़ जिले की मतदाता सूचियों की होगी जांच
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी, आजमगढ़ को जिले के सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की भी इसी बिंदु पर गहन जांच करने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए एक सप्ताह के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।
इस कार्रवाई के बाद अब यह स्पष्ट होगा कि मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं के लिए संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों की जिम्मेदारी किस स्तर तक निर्धारित होती है।
Discover more from United India Live
Subscribe to get the latest posts sent to your email.




