किसानों की हुंकार से गूंजा शामली, दूसरे दिन कांग्रेस की किसान अधिकार यात्रा में जुटे किसान
शामली (रिपोर्ट-कमरुद्दीन सिद्दीक़ी)। किसानों के अधिकार, फसलों के उचित मूल्य और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) समेत कृषि से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस की किसान अधिकार यात्रा दूसरे दिन शामली होते हुए बाग़पत पहुंची। 2 अक्टूबर 2026 को मुजफ्फरनगर से शुरू हुई यह यात्रा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से होकर आगे बढ़ रही है।
यात्रा में उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र गौतम, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय, सांसद इमरान मसूद, किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अखिलेश शुक्ला, सह-प्रभारी संजीव आर्य, अतर सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।

गांव-गांव पहुंची यात्रा
दूसरे दिन यात्रा की शुरुआत सुबह करीब 10 बजे गांव गंगेरू से हुई। इसके बाद यात्रा गढ़ी दौलत, अम्बेहटा, जिदाना, हाजीपुर, दुगड्डा, मलकपुर और गुजरपुर होते हुए खंदरावली हाईवे की ओर आगे बढ़ी, जहां दिन की यात्रा का समापन किया गया।
यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण इसमें शामिल हुए। कई स्थानों पर ग्रामीणों ने यात्रा का स्वागत किया। रास्ते में जय जवान जय किसान, राहुल गांधी जिंदाबाद और प्रियंका गांधी जिंदाबाद जैसे नारों से माहौल गूंजता रहा।
क्षेत्रवार नेतृत्व में नितम शर्मा, राहुल भाटी, कृष्ण लखेरा, अतर सिंह, डॉ. उमाशंकर सिंह, केडी सिद्दीकी, शशि उपाध्याय, प्रदीप मिश्रा, अमित सिंह, महेंद्र यादव, सर्वेश श्रीवास्तव, अरुण त्रिपाठी और अतुल वर्मा समेत कई स्थानीय नेता और कार्यकर्ता सक्रिय रहे।

फसल के उचित मूल्य और MSP का मुद्दा
यात्रा के दौरान किसानों ने अपनी प्रमुख समस्याओं को नेताओं के सामने रखा। फसलों के उचित मूल्य, MSP, बढ़ती कृषि लागत, गन्ना भुगतान, कर्ज और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए।
किसानों ने केंद्र की भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि किसानों को उनकी फसलों का पर्याप्त मूल्य नहीं मिल रहा है। किसानों ने कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि उपज का मूल्य तय करते समय किसानों की अपेक्षाओं और लागत को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जाता।

किसानों ने कहा कि फसल का लाभकारी मूल्य मिलना जरूरी
यात्रा में शामिल किसानों ने कहा कि देश का किसान अपनी फसल का वाजिब मूल्य चाहता है। किसानों की मांग है कि फसल के मूल्य निर्धारण की प्रक्रिया में किसानों की भूमिका बढ़ाई जाए और उन्हें उनकी मेहनत तथा लागत के अनुरूप लाभकारी मूल्य मिले।
किसानों ने केंद्र सरकार पर बड़े पूंजीपतियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए छोटे और सीमांत किसानों की आर्थिक स्थिति पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
कर्ज और किसान आत्महत्या का मुद्दा भी उठा
ग्रामीणों और किसानों ने बातचीत के दौरान कृषि ऋण और किसान आत्महत्या का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि आर्थिक दबाव और फसल की लागत तथा आमदनी के बीच बढ़ते अंतर के कारण अनेक किसान परेशान हैं। किसानों ने सरकार से कृषि क्षेत्र में ठोस राहत और किसानों की आय को सुरक्षित करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
पश्चिमी यूपी में गांव-गांव पहुंच रही यात्रा
कांग्रेस की किसान अधिकार यात्रा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान बहुल इलाकों से होकर गुजर रही है। यात्रा के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का जोर गांवों में किसानों से सीधे संवाद करने और उनकी समस्याओं को सुनने पर है।
यात्रा में किसानों की भागीदारी से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह दिखाई दे रहा है। ग्रामीण इलाकों में जगह-जगह स्वागत और किसानों की मौजूदगी ने यात्रा को स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है।
यात्रा में प्रमुख रूप से राष्ट्रीय सचिव एवं सहप्रभारी संजीव आर्या, किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अखिलेश शुक्ला उत्तर प्रदेश पश्चिमी जोन के अध्यक्ष मनोज चौधरी, जिला अध्यक्ष अखलाख प्रधान, रोहित जाखड़, शीतल मान, राहुल भाटी, सौरभ त्यागी, अतर सिंह सहित प्रदेश एवं राष्ट्रीय पदाधिकारी शामिल हुए। यात्रा का संयोजन आलम गुर्जर ने किया।
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