क्रिस्टल मेथ जब्ती मामला: DRI ने तटीय तस्करी नेटवर्क तोड़ा, तमिलनाडु में चार आरोपी दबोचे
राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए समुद्री मार्ग से होने वाली मादक पदार्थों की तस्करी के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। एजेंसी के हाथ इस अभियान में करीब 137 किलोग्राम क्रिस्टल मेथ यानी मेथामफेटामाइन लगी है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। इस सिलसिले में तमिलनाडु से चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है।
DRI अधिकारियों के अनुसार, यह खेप समुद्र के रास्ते देश में लाई जा रही थी और तस्करों का नेटवर्क तटीय इलाकों का इस्तेमाल करके नशीले पदार्थों को देश के भीतरी हिस्सों तक पहुंचाने की योजना बना रहा था। गुप्त सूचना के आधार पर सतर्क हुई खुफिया टीमों ने लंबे समय से इस गिरोह की गतिविधियों पर नजर रखी हुई थी। समय रहते की गई छापेमारी में अधिकारियों को सफलता मिली और भारी मात्रा में सिंथेटिक ड्रग बरामद करने में कामयाबी हासिल हुई।
जांच एजेंसी का कहना है कि यह गिरोह केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले एक बड़े तस्करी रैकेट से जुड़ा हो सकता है। गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि नेटवर्क के अन्य सदस्यों, आपूर्ति के स्रोत और आगे की कड़ियों का पता लगाया जा सके। अधिकारियों को आशंका है कि यह तस्करी गिरोह पहले भी कई बार समुद्री मार्ग के जरिए मादक पदार्थों की बड़ी खेप देश में पहुंचा चुका होगा।
DRI की इस कार्रवाई को तटीय सुरक्षा और नशीले पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। एजेंसी अब तस्करों के पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है, ताकि इस अवैध कारोबार में शामिल अन्य लोगों तक भी पहुंचा जा सके। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और जांच एजेंसियां इस पूरे प्रकरण की तह तक जाने का प्रयास कर रही हैं।
छवि: MART PRODUCTION (Pexels)
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