देश में प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम कसने के मकसद से केंद्र सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। सरकार के सुरक्षित भंडार यानी बफर स्टॉक से प्याज की एक बड़ी खेप विशेष ट्रेन के जरिए पश्चिम बंगाल की राजधानी Kolkata भेजी जा रही है। इस ट्रेन को “कांदा एक्सप्रेस” नाम दिया गया है, जो 24 सितंबर को Kolkata पहुंचने वाली है।
जानकारों के मुताबिक यह पहल त्योहारी सीजन से पहले बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ाने और दामों को स्थिर रखने की रणनीति का हिस्सा है। पिछले कुछ हफ्तों से देश के कई हिस्सों में प्याज की खुदरा कीमतों में उछाल देखा गया है, जिससे आम उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है। ऐसे में सरकार ने अपने रणनीतिक भंडार से प्याज निकालकर उसे मांग वाले क्षेत्रों में पहुंचाने का फैसला किया है।
संबंधित अधिकारियों का कहना है कि रेल मार्ग से प्याज भेजने का यह तरीका न सिर्फ तेज है बल्कि इससे बड़ी मात्रा में माल एक साथ पहुंचाया जा सकता है, जिससे परिवहन लागत भी कम आती है। कांदा एक्सप्रेस के जरिए भेजी जा रही यह खेप सीधे Kolkata की मंडियों में पहुंचाई जाएगी, जहां से इसे स्थानीय विक्रेताओं और थोक व्यापारियों के माध्यम से आम जनता तक पहुंचाया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इस तरह के हस्तक्षेप से बाजार में प्याज की आपूर्ति सुचरू रहेगी और जमाखोरी जैसी प्रवृत्तियों पर भी अंकुश लगेगा। बीते वर्षों में भी त्योहारी मौसम के दौरान प्याज की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी देखी गई है, जिसे देखते हुए इस बार पहले से ही एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
खाद्य आपूर्ति विभाग के सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में इसी तरह की अन्य ट्रेनें भी देश के अलग-अलग हिस्सों में भेजी जा सकती हैं, ताकि जहां भी प्याज की किल्लत या दाम बढ़ने की शिकायतें आ रही हैं, वहां तुरंत राहत पहुंचाई जा सके। इस कदम से Kolkata और आसपास के इलाकों में रहने वाले उपभोक्ताओं को जल्द ही राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि सरकार की यह पहल केवल तात्कालिक राहत तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि दीर्घकालिक रूप से प्याज उत्पादन और भंडारण की व्यवस्था को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति बार-बार पैदा न हो।
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