गन्ना किसानों के हित में केंद्र सरकार का अहम फैसला: एक सप्ताह में बनेगी उच्चस्तरीय समिति
देशभर के गन्ना उत्पादक किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि किसानों के हितों की हिफाजत के लिए वह जल्द ही एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन करने जा रही है। सरकार की ओर से बताया गया है कि यह समिति अगले सात दिनों के भीतर अस्तित्व में आ जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक, यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब गन्ना किसान लंबे समय से अपनी उपज के उचित मूल्य और भुगतान में देरी को लेकर चिंता जता रहे थे। कई राज्यों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि चीनी मिलों द्वारा समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ रहा था। इन्हीं मुद्दों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने यह कदम उठाने का फैसला किया है।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि प्रस्तावित समिति में कृषि, वित्त और संबंधित मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे, जो गन्ना किसानों से जुड़े मसलों का गहराई से अध्ययन करेंगे। यह कमेटी किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने, गन्ने की उचित कीमत तय करने और मिलों की जवाबदेही बढ़ाने जैसे अहम बिंदुओं पर अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेगी।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह समिति समय पर गठित होकर प्रभावी ढंग से काम करती है, तो इससे न सिर्फ किसानों का भरोसा बहाल होगा बल्कि चीनी उद्योग में भी पारदर्शिता आएगी। गन्ना किसानों के कई संगठनों ने भी सरकार के इस कदम का स्वागत किया है, हालांकि उनका कहना है कि असली राहत तभी मिलेगी जब कमेटी की सिफारिशों को जल्द से जल्द अमल में लाया जाएगा।
सरकार ने भरोसा दिलाया है कि किसानों के हितों की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि यह उच्चस्तरीय समिति किस तरह काम करती है और किसानों को इसका कितना फायदा मिल पाता है।
छवि: PIB
Discover more from United India Live
Subscribe to get the latest posts sent to your email.




