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जातिगत भेदभाव पर RSS सरकार्यवाह Dattatreya Hosabale का बड़ा बयान, Bhopal में कहा- यह हिंदू समाज पर धब्बा है

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह Dattatreya Hosabale ने Bhopal में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जाति के आधार पर होने वाले भेदभाव को लेकर स्पष्ट और कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जन्म के आधार पर किसी के साथ भेदभाव करना हिंदू परंपरा और संस्कृति के मूल्यों के विपरीत है, और इस तरह की सोच को कतई सही नहीं ठहराया जा सकता।

अपने संबोधन में Hosabale ने जोर देकर कहा कि जातिगत आधार पर किया जाने वाला दुर्व्यवहार पूरे हिंदू समाज के माथे पर एक कलंक के समान है। उनके अनुसार, हिंदू संस्कृति सदियों से समावेशिता और समानता की बात करती रही है, इसलिए इस तरह की भेदभावपूर्ण मानसिकता को समाज से पूरी तरह समाप्त किया जाना चाहिए।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी ने समाज में एकजुटता और आपसी भाईचारे को मजबूत करने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जब तक समाज के हर वर्ग को समान सम्मान और अवसर नहीं मिलेंगे, तब तक सामाजिक सद्भाव को पूरी तरह से स्थापित नहीं किया जा सकता।

Hosabale ने यह भी कहा कि संगठन लंबे समय से सामाजिक समरसता को अपने कार्यों का केंद्रीय बिंदु मानता रहा है और इस दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उनका मानना है कि छुआछूत और जातिगत विभेद जैसी कुरीतियां न केवल सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करती हैं, बल्कि यह राष्ट्रीय एकता के लिए भी बड़ी बाधा हैं।

Bhopal में हुए इस कार्यक्रम में उनके इस वक्तव्य को व्यापक रूप से एकता और समानता के संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। संघ के वरिष्ठ नेता ने अपने भाषण के अंत में लोगों से आग्रह किया कि वे जातिगत भेदभाव को समाप्त करने में सक्रिय भूमिका निभाएं और समाज को एकसूत्र में बांधने का प्रयास करें।


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