रामलीला मैदान में उमड़ा जनसैलाब! 10 लाख लोगों के जुटने का दावा, सड़कों तक फैली भीड़; राहुल गांधी की मोदी-शाह को खुली चुनौती
नई दिल्ली से विशेष रिपोर्ट। राजधानी दिल्ली का ऐतिहासिक रामलीला मैदान रविवार को INDIA गठबंधन की विशाल रैली का केंद्र बना। कथित ‘वोट चोरी’ और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में अनियमितताओं के खिलाफ आयोजित इस रैली में भारी संख्या में लोग पहुंचे। आयोजकों ने 10 लाख तक लोगों के जुटने का लक्ष्य रखा था। रामलीला मैदान खचाखच भरने के बाद आसपास की सड़कों पर भी समर्थकों की भारी भीड़ दिखाई दी।

रैली में शामिल होने के लिए उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और देश के दूसरे हिस्सों से भी कार्यकर्ता और समर्थक दिल्ली पहुंचे। मेरठ, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों से आने वाले लोगों को रास्ते में रोके जाने और वाहनों की आवाजाही बाधित होने की शिकायतें भी सामने आईं।
हरियाणा की ओर से दिल्ली आने वाले रास्तों पर भी वाहनों की लंबी कतारें लगीं। गुरुग्राम और सोनीपत सीमाओं पर पुलिस जांच तथा बैरिकेडिंग के कारण रैली में शामिल होने आ रहे कुछ लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें रैली में पहुंचने से रोका जा रहा है। हालांकि, पुलिस की ओर से यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को इसका कारण बताया गया।
गौरतलब है कि रैली से पहले INDIA गठबंधन ने 10 लाख लोगों के जुटने की उम्मीद जताई थी, जबकि दिल्ली पुलिस का अनुमान लगभग 50 हजार लोगों का था। इसलिए 10 लाख की वास्तविक उपस्थिति की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
राहुल गांधी की हुंकार: पहले ज्ञानेश कुमार, फिर मोदी-शाह की जवाबदेही
रैली को संबोधित करते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला।
राहुल गांधी ने कहा कि INDIA गठबंधन देश में लोकतंत्र को खत्म नहीं होने देगा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग करते हुए कहा कि यह देश को सही रास्ते पर लाने की दिशा में पहला कदम होगा।

उन्होंने कहा, “अमित शाह जी ने कहा कि नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जा रहे। मैं आपको उल्टा बताता हूं—नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जा सकते। अगर जाना भी चाहेंगे, हम उन्हें नहीं जाने देंगे।”
राहुल गांधी ने आगे कहा कि ज्ञानेश कुमार के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में वोट चोरी हुई है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह बनाना होगा।
SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन
इस रैली का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताएं और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता रहा। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने से नागरिकों के मतदान के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए चुनाव आयोग की निष्पक्षता और जवाबदेही पर सवाल उठाए। दूसरी ओर, चुनाव आयोग का कहना है कि पुनरीक्षण प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को दुरुस्त करना और अपात्र तथा दोहराए गए नामों को हटाना है।

विपक्ष के दिग्गज नेता एक मंच पर
रामलीला मैदान की इस रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती सहित INDIA गठबंधन के कई प्रमुख नेता शामिल हुए।
नेताओं ने संविधान, लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा का संकल्प दोहराया। रैली के दौरान ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ का संदेश प्रमुखता से दिखाई दिया।
दिल्ली की सड़कों पर भी दिखा रैली का असर
भारी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था के चलते मध्य दिल्ली के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ। दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के लिए 4,000 से अधिक पुलिसकर्मियों और 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की थी। ड्रोन और अन्य निगरानी साधनों का भी इस्तेमाल किया गया।
दिल्ली पुलिस के अनुसार रैली शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और कोई बड़ी कानून-व्यवस्था संबंधी घटना सामने नहीं आई।
रामलीला मैदान की यह रैली ऐसे समय में हुई है, जब देश में मतदाता सूची, चुनावी पारदर्शिता और चुनाव आयोग की जवाबदेही को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। विपक्ष ने अपने इस प्रदर्शन के जरिए इन मुद्दों को राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में लाने की कोशिश की है।
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