नई दिल्ली (विशेष संवाददाता)। देश में चुनावी पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने चुनाव आयोग और सरकार की कार्यप्रणाली के खिलाफ सड़क से लेकर संसद तक आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में हुई पार्टी की उच्च स्तरीय महाबैठक के बाद एक विस्तृत और आक्रामक राष्ट्रव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई है।

महाबैठक:
अब चुप बैठने का वक्त नहीं’पार्टी मुख्यालय में आयोजित इस महामंथन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक में देश भर की सभी राज्य इकाइयों के शीर्ष नेता, प्रदेश अध्यक्ष, प्रभारी और सभी फ्रंटल संगठनों के प्रमुख शामिल हुए।सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान राहुल गांधी ने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए साफ निर्देश दिए:”हमें हर हाल में अलर्ट और एक्टिव रहना होगा। यह लड़ाई पूरी आक्रामकता, बोल्डनेस और निरंतरता के साथ लड़नी होगी। दिल्ली स्थित AICC मुख्यालय में ‘यूपी विजय संकल्प सम्मेलन’ का आयोजन
विरोध प्रदर्शन का सही चरणबद्ध रोडमैप
- 6 अक्टूबर: चुनाव आयोग का घेराव।
- 8 अक्टूबर: कांग्रेस का बड़ा मार्च।
- पहला/मुख्य अभियान: ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ नारे के साथ राष्ट्रव्यापी आक्रामक अभियान का शंखनाद।
- दूसरा चरण (10 अक्टूबर से 20 अक्टूबर): ब्लॉक स्तर पर बाइक रैली, पदयात्रा और साइकिल रैलियों का आयोजन, जिससे आम जनता को जोड़कर इसे जन आंदोलन बनाया जाएगा।
- तीसरा चरण (25 अक्टूबर से 25 नवंबर): गांव-गांव स्तर पर अभियान, जिसके तहत ‘चौपाल’ लगाई जाएंगी और इन्हें ‘वोट रक्षक’ नाम दिया गया है।
- 1 नवंबर: दिल्ली के रामलीला मैदान में अब तक की सबसे बड़ी रैली का आयोजन।
- 26 नवंबर (संविधान दिवस): ‘चलो दिल्ली’ कार्यक्रम के तहत देश के अलग-अलग हिस्सों से छह बड़ी यात्राएं निकाली जाएंगी (जिनका नेतृत्व छह दिग्गज नेता करेंगे)।

‘इंडिया’ गठबंधन को साधने की रणनीति कांग्रेस इस मुहिम में अकेले नहीं, बल्कि ‘इंडिया’ (INDIA) ब्लॉक के सभी घटक दलों को एक मंच पर लाकर संयुक्त प्रदर्शन करने की रणनीति पर काम कर रही है। इसके तहत देश के सभी राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष अपने-अपने क्षेत्रों के विपक्षी दलों के साथ समन्वय बनाकर सामूहिक कार्यक्रमों को अंजाम देंगे।पार्टी का मुख्य उद्देश्य आम जनता की आवाज को और अधिक मजबूती से उठाना है और तब तक इस मुहिम को जारी रखना है जब तक सरकार और चुनाव आयोग को जवाबदेह नहीं बनाया जाता। Aicc News: पश्चिमी उत्तर प्रदेश किसान कांग्रेस की चुनावी संरचना और किसान अधिकार अभियान का शुभारंभ 25 अगस्त को
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