केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी IndiaAI Mission ने देश में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मिशन के ‘IndiaAI Innovation Center’ स्तंभ के अंतर्गत तीन नए स्वदेशी फाउंडेशन मॉडल सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत किए गए हैं, जिन्हें पूरी तरह भारतीय स्टार्टअप्स ने विकसित किया है।
इन मॉडलों में सबसे पहला नाम Soket AI Labs के Eka-1 का है, जबकि शेष दो मॉडल Gnani AI द्वारा तैयार किए गए हैं, जिन्हें Dhir 2B और Dhir 5B नाम दिया गया है। इन तीनों मॉडलों का अनावरण एक विशेष कार्यक्रम में किया गया, जिसमें देश में उभर रहे AI इकोसिस्टम की प्रगति को रेखांकित किया गया।
अधिकारियों के अनुसार, इन फाउंडेशन मॉडलों को तैयार करने का उद्देश्य भारत को विदेशी तकनीकों पर निर्भरता से मुक्त कर एक स्वदेशी, सुरक्षित और स्थानीय भाषाओं के अनुकूल AI ढांचा खड़ा करना है। यह पहल IndiaAI Mission के उस व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है, जिसके तहत देश में AI अनुसंधान, नवाचार और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देने की योजना बनाई गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि Eka-1, Dhir 2B और Dhir 5B जैसे स्वदेशी मॉडल भारतीय भाषाओं, संस्कृति और आवश्यकताओं के अनुरूप बेहतर परिणाम दे सकते हैं, जो वैश्विक कंपनियों द्वारा बनाए गए सामान्य मॉडलों की तुलना में अधिक प्रासंगिक साबित हो सकते हैं। IndiaAI Innovation Center के तहत यह प्रयास भारतीय स्टार्टअप्स को वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में भी मददगार होगा।
सरकार का कहना है कि आने वाले समय में इस दिशा में और भी नई घोषणाएं की जाएंगी, ताकि देश में AI आधारित नवाचार को गति मिल सके और स्टार्टअप्स को आवश्यक संसाधन व समर्थन उपलब्ध कराया जा सके।
छवि: PIB
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