DRI ने ‘ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट’ के तहत पाकिस्तानी तस्करी रैकेट का किया भंडाफोड़, 25,000 किलो तरबूज के बीज जब्त, दो गिरफ्तार
राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने अपने विशेष अभियान ‘ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट’ के तहत पाकिस्तान से प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी के एक और प्रयास को नाकाम कर दिया है। एजेंसी ने इस कार्रवाई में पाकिस्तानी मूल के लगभग 25,000 किलोग्राम तरबूज के बीज जब्त किए हैं, जिन्हें गैर-कानूनी तरीके से भारत में लाने की कोशिश की जा रही थी। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, भारत सरकार ने पाकिस्तान से आयातित कई वस्तुओं पर सख्त प्रतिबंध लगा रखे हैं, बावजूद इसके कुछ तस्कर गिरोह विभिन्न हथकंडे अपनाकर इन नियमों को दरकिनार करने की कोशिश करते रहते हैं। DRI को गुप्त सूचना मिली थी कि एक संगठित गिरोह पाकिस्तानी मूल के तरबूज के बीजों की बड़ी खेप को किसी अन्य देश के रास्ते भारत में खपाने की योजना बना रहा है, ताकि माल के वास्तविक मूल को छिपाया जा सके।
इस सूचना के आधार पर DRI की टीमों ने सतर्कता के साथ निगरानी शुरू की और संबंधित शिपमेंट की गहन जांच की। जांच में यह स्पष्ट हो गया कि दस्तावेजों में हेरफेर करके माल का असली स्रोत छिपाने की कोशिश की गई थी। इसके बाद एजेंसी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पूरी खेप को जब्त कर लिया। जब्त किए गए तरबूज के बीजों की मात्रा लगभग 25,000 किलोग्राम आंकी गई है, जिसकी बाजार में भी अच्छी-खासी कीमत बताई जा रही है।
मामले की तह तक जाने के लिए DRI ने आगे की पूछताछ शुरू की, जिसके दौरान इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े दो व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा यह तस्करी गिरोह पहले भी किन-किन खेपों को इसी तरह भारत में लाने में कामयाब हो चुका है।
अधिकारियों का कहना है कि ‘ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट’ के तहत पिछले कुछ समय से प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी पर विशेष निगरानी रखी जा रही है और कई बड़ी खेप पहले भी पकड़ी जा चुकी हैं। इस ताजा कार्रवाई को भी उसी व्यापक अभियान की एक अहम कड़ी माना जा रहा है। DRI ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित वस्तुओं की अवैध आवक रोकने के लिए उसकी निगरानी व्यवस्था और सख्त की जाएगी तथा दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले की आगे की जांच की जा रही है। एजेंसी ने यह भी बताया कि इस तरह की तस्करी न सिर्फ देश की आर्थिक नीतियों के विपरीत है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर खतरा पैदा करती है। इसीलिए ऐसे मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई को प्राथमिकता दी जा रही है।
छवि: PIB
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