INS Trishul फ्रांस के Toulon बंदरगाह पहुंचा, वरुण नौसैनिक अभ्यास के 24वें संस्करण की शुरुआत
भारतीय नौसेना का प्रमुख युद्धपोत INS Trishul भारत और फ्रांस के बीच होने वाले द्विपक्षीय समुद्री युद्धाभ्यास ‘वरुण’ के 24वें संस्करण में हिस्सा लेने के लिए फ्रांस के Toulon बंदरगाह पर पहुंच गया है। यह अभ्यास दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच लंबे समय से चली आ रही रणनीतिक साझेदारी और आपसी विश्वास का प्रतीक माना जाता है।
नौसेना सूत्रों के अनुसार, INS Trishul के Toulon पहुंचने के साथ ही वहां भारतीय और फ्रांसीसी नौसैनिक अधिकारियों के बीच औपचारिक स्वागत समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान दोनों पक्षों ने आगामी दिनों में होने वाले संयुक्त अभ्यास की रूपरेखा पर चर्चा की। बताया जा रहा है कि इस बार का अभ्यास पहले से कहीं अधिक व्यापक और जटिल होगा, जिसमें समुद्री सतह पर युद्धाभ्यास, हवाई सुरक्षा, पनडुब्बी रोधी अभियान और संयुक्त गश्त जैसी गतिविधियां शामिल रहेंगी।
‘वरुण’ अभ्यास भारत और फ्रांस के बीच वर्ष 1993 से लगातार आयोजित होता आ रहा है और यह दोनों नौसेनाओं के बीच परिचालन तालमेल, तकनीकी आदान-प्रदान तथा सामरिक समन्वय को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती सामरिक हलचल के बीच इस तरह के संयुक्त अभ्यास भारत की समुद्री सुरक्षा रणनीति के लिए बेहद अहम साबित होते हैं।
नौसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस अभ्यास के माध्यम से दोनों देशों की नौसेनाएं न केवल अपनी युद्धक क्षमताओं को परखेंगी, बल्कि आपसी समन्वय को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास करेंगी। उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है और ‘वरुण’ जैसे अभ्यास इस साझेदारी को और गहरा करने में मदद करते हैं।
यह अभ्यास आने वाले दिनों में भूमध्य सागर क्षेत्र में आयोजित किया जाएगा, जहां दोनों देशों के युद्धपोत, विमान और नौसैनिक कर्मी संयुक्त रूप से विभिन्न सामरिक अभियानों में भाग लेंगे। रक्षा मामलों के जानकारों के अनुसार इस तरह के अभ्यास वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती समुद्री ताकत और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की भावना को भी दर्शाते हैं।
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