आईवियर रिटेल कंपनी Lenskart Solutions में एक और बड़े निवेशक ने अपनी हिस्सेदारी घटा ली है। Abu Dhabi Investment Authority (ADIA) ने कंपनी में अपने 2.01 प्रतिशत शेयर बेचकर करीब ₹2,390 करोड़ जुटाए हैं। यह सौदा ऐसे समय हुआ है जब कुछ महीने पहले ही एक और प्रमुख निवेशक SoftBank ने भी Lenskart में अपनी हिस्सेदारी का बड़ा हिस्सा बाजार में बेच दिया था।
जानकारी के अनुसार, SoftBank ने इस साल की शुरुआत में लगभग ₹2,873 करोड़ मूल्य की अपनी हिस्सेदारी को कंपनी से अलग किया था। अब ADIA के इस ताजा निर्णय ने Lenskart के शेयरधारक ढांचे में एक और बदलाव ला दिया है। दोनों ही सौदे दर्शाते हैं कि कंपनी में शुरुआती दौर के कुछ बड़े वैश्विक निवेशक धीरे-धीरे अपनी पूंजी को आंशिक रूप से बाहर निकाल रहे हैं, हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि वे कंपनी से पूरी तरह हट गए हैं।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हिस्सेदारी बिक्री सौदे आमतौर पर निवेशकों की मुनाफावसूली की रणनीति का हिस्सा होते हैं, खासकर तब जब कंपनी का मूल्यांकन अच्छे स्तर पर पहुंच चुका हो। Lenskart, जो चश्मों और आईवियर उत्पादों की बिक्री के क्षेत्र में देश की अग्रणी कंपनियों में गिनी जाती है, हाल के वर्षों में तेजी से विस्तार करती रही है और इसके निवेशकों की सूची में कई बड़े अंतरराष्ट्रीय संस्थागत निवेशक शामिल रहे हैं।
ADIA द्वारा की गई यह हिस्सेदारी बिक्री कंपनी के कुल शेयरधारिता ढांचे में मामूली फेरबदल के रूप में देखी जा रही है, लेकिन बाजार पर नजर रखने वालों के लिए यह इस बात का संकेत है कि निवेशक अपने पोर्टफोलियो को कैसे संतुलित कर रहे हैं। हालांकि इस सौदे को लेकर Lenskart की ओर से या ADIA की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन बाजार सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आई है।
विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह की हिस्सेदारी बिक्री का सीधा असर कंपनी के दैनिक कामकाज पर पड़ने की संभावना कम है, लेकिन निवेशक समुदाय में इसे कंपनी के भविष्य के मूल्यांकन को लेकर एक महत्वपूर्ण संकेतक के तौर पर देखा जा रहा है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या अन्य बड़े निवेशक भी अपनी हिस्सेदारी में इसी तरह का बदलाव करते हैं या नहीं।
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