मध्य प्रदेश के Dhar जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक तेंदुए ने बकरियां चरा रहे 10 वर्षीय बालक पर अचानक हमला बोल दिया। यह वारदात Kukshi क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले Bakhtala गांव में जंगल के नजदीक घटित हुई।
जानकारी के अनुसार, बालक अपनी बकरियों को लेकर जंगल किनारे चराई के लिए गया हुआ था, तभी घात लगाए बैठे तेंदुए ने उस पर झपट्टा मार दिया। बच्चे की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत मौके की ओर दौड़े और उसे बचाने में जुट गए। ग्रामीणों की सूझबूझ और तत्परता से बालक को तेंदुए के चंगुल से सुरक्षित निकाल लिया गया, हालांकि इस दौरान उसे गंभीर चोटें आईं।
घायल अवस्था में बच्चे को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू किया। राहत की बात यह है कि अब बालक की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है और वह उपचार के बाद स्वस्थ हो रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम भी सक्रिय हो गई और मौके पर पहुंचकर पूरे इलाके का बारीकी से मुआयना किया। तलाशी के दौरान वन अमले को हमले वाली जगह से महज 15 से 20 फीट की दूरी पर तेंदुए के तीन नवजात शावक मिले। माना जा रहा है कि अपने नवजात बच्चों की सुरक्षा को लेकर मादा तेंदुआ अत्यधिक सतर्क थी, जिसके चलते बालक के करीब आने पर उसने आक्रामक रुख अपनाया।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शावकों की मौजूदगी को देखते हुए अब इलाके में विशेष निगरानी बढ़ा दी गई है। साथ ही ग्रामीणों को भी सतर्क रहने और जंगल से सटे क्षेत्रों में मवेशी चराने के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। स्थानीय प्रशासन इस बात पर भी विचार कर रहा है कि मादा तेंदुआ और उसके शावकों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए या नहीं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
इस घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है और ग्रामीण जंगल के आसपास जाने से पहले अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हैं।
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