राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को याद किया और नागरिकों से एकता तथा अखंडता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज़ादी के बाद 550 से अधिक रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत का निर्माण करने में सरदार पटेल की भूमिका अतुलनीय रही है और उनकी दूरदर्शिता ने देश को एक मजबूत पहचान दी।
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में भी देश को आंतरिक और बाहरी चुनौतियों का सामना करने के लिए एकजुट रहना बेहद ज़रूरी है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्रीयता के भेदभाव से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा जाए। उन्होंने कहा कि विविधता में एकता ही भारत की सबसे बड़ी ताकत है और यही हमारी सभ्यता की मूल भावना रही है।
कार्यक्रम के दौरान सरकारी अधिकारियों और सुरक्षा बलों के जवानों को “रन फॉर यूनिटी” जैसी गतिविधियों में शामिल किया गया, जिसका उद्देश्य आम जनता में राष्ट्रीय एकता के प्रति जागरूकता फैलाना था। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर Statue of Unity, Kevadia, Gujarat का भी उल्लेख करते हुए कहा कि यह स्मारक आने वाली पीढ़ियों को सरदार पटेल के बलिदान और संघर्ष की याद दिलाता रहेगा।
भाषण के अंत में प्रधानमंत्री ने सभी नागरिकों से शपथ लेने का आग्रह किया कि वे देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने में अपना पूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि यह दिवस केवल एक स्मरणोत्सव नहीं, बल्कि हर भारतीय के लिए राष्ट्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराने का अवसर है।
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