राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने उत्तर प्रदेश के Aligarh जिले से सामने आए एक गंभीर मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। यह प्रकरण एक निजी स्कूल से जुड़ा है, जहां स्कूल संचालक के भाई पर दो महिला शिक्षिकाओं के यौन शोषण का गंभीर आरोप लगा है।
आयोग के संज्ञान में यह मामला मीडिया में प्रकाशित रिपोर्टों के आधार पर आया, जिनमें बताया गया था कि पीड़ित शिक्षिकाओं को लंबे समय तक मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। शिकायतकर्ता महिलाओं का कहना है कि स्कूल प्रबंधन से जुड़े इस व्यक्ति ने अपने प्रभाव और पद का दुरुपयोग करते हुए उन्हें प्रताड़ित किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मानवाधिकार आयोग ने इसे मानवीय गरिमा और महिला सुरक्षा के मौलिक अधिकारों का सीधा उल्लंघन माना है। आयोग ने संबंधित राज्य प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है, जिसमें यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि इस शिकायत पर अब तक क्या कार्रवाई की गई है।
स्थानीय पुलिस सूत्रों के अनुसार, पीड़िताओं की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया जा चुका है और जांच प्रक्रिया जारी है। हालांकि, पीड़ित पक्ष का आरोप है कि आरोपी के प्रभावशाली रसूख के चलते जांच में अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई जा रही थी, जिसके बाद यह मामला सार्वजनिक चर्चा का विषय बना।
NHRC द्वारा स्वतः संज्ञान लिए जाने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि प्रशासन अब मामले की निष्पक्ष और तेज जांच सुनिश्चित करेगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि रिपोर्ट में लापरवाही या ढिलाई पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
यह घटना एक बार फिर शिक्षण संस्थानों में कार्यरत महिलाओं की सुरक्षा और कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल खड़े करती है। सामाजिक कार्यकर्ताओं और महिला अधिकार संगठनों ने भी इस मामले में त्वरित न्याय की मांग उठाई है।
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