केंद्र सरकार ने देश के गरीब और जरूरतमंद नागरिकों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। Union Cabinet ने National Social Assistance Programme (NSAP) को अगले पांच वर्षों तक, यानी वित्त वर्ष 2026-27 से लेकर 2030-31 तक, निर्बाध रूप से चलाने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस निर्णय से देशभर के लाखों बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को आर्थिक सहायता मिलती रहेगी।
यह योजना केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित एक सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य समाज के सबसे कमजोर और वंचित वर्गों तक वित्तीय मदद पहुंचाना है। इसके अंतर्गत वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और दिव्यांग पेंशन जैसी कई उप-योजनाएं संचालित होती हैं, जिनसे गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले परिवारों को मासिक आधार पर सहायता राशि दी जाती है।
सरकार के इस कदम को ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों में रहने वाले असहाय और आश्रितहीन नागरिकों के लिए राहत भरा बताया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ती महंगाई और आर्थिक चुनौतियों के बीच इस तरह की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की निरंतरता बेहद आवश्यक है, ताकि समाज का कोई भी वर्ग बुनियादी सहायता से वंचित न रह जाए।
मंत्रिमंडल की इस मंजूरी के बाद अब राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन में कोई रुकावट नहीं आएगी। योजना के तहत मिलने वाली राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है और भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम होती है।
सरकार का कहना है कि यह निर्णय सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले वर्षों में इस योजना के दायरे और लाभार्थियों की संख्या में भी समीक्षा के आधार पर बदलाव किए जा सकते हैं, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक इसका लाभ पहुंच सके।
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