बंगाल की खाड़ी से जुड़े देशों के संगठन BIMSTEC ने समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ते हुए अपना पहला संयुक्त समुद्री सुरक्षा अभ्यास आयोजित किया है। यह पहल क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने और समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
BIMSTEC यानी Bay of Bengal Initiative for Multi-Sectoral Technical and Economic Cooperation में भारत, Bangladesh, Bhutan, Myanmar, Nepal, Sri Lanka और Thailand जैसे देश शामिल हैं। अब तक यह संगठन मुख्य रूप से आर्थिक और तकनीकी सहयोग पर केंद्रित रहा है, लेकिन इस अभ्यास के साथ संगठन ने सुरक्षा सहयोग के क्षेत्र में भी कदम बढ़ाया है।
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में समुद्री डकैती, तस्करी, अवैध मछली पकड़ने और अन्य गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए सदस्य देशों के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक हो गया है। इस अभ्यास के जरिए सदस्य देशों की नौसेनाओं और तटरक्षक बलों ने आपसी तालमेल, सूचना साझाकरण और संयुक्त गश्त की प्रक्रियाओं का अभ्यास किया।
भारत इस क्षेत्रीय संगठन में एक प्रमुख भूमिका निभाता रहा है और उसकी नौसेना ने इस अभ्यास में अग्रणी भूमिका निभाई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अभ्यास हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती रणनीतिक गतिविधियों के बीच क्षेत्रीय देशों की सामूहिक क्षमता को मजबूत करने में मददगार साबित होगा।
संगठन के सदस्य देशों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि भविष्य में इस तरह के अभ्यास नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे ताकि क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा ढांचे को और सुदृढ़ किया जा सके। यह पहला अभ्यास आने वाले वर्षों में BIMSTEC के भीतर सुरक्षा सहयोग के एक नए दौर की शुरुआत माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के संयुक्त अभ्यासों से न केवल सैन्य तालमेल बढ़ता है बल्कि सदस्य देशों के बीच कूटनीतिक विश्वास भी मजबूत होता है, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए दीर्घकालिक रूप से लाभकारी सिद्ध होगा।
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