PM-SETU योजना के तहत पांच ITI क्लस्टर को मिली 1,194.92 करोड़ रुपये की मंजूरी, Maharashtra-Odisha-Jammu Kashmir को होगा फायदा
कौशल विकास के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए राष्ट्रीय संचालन समिति ने PM-SETU (Prime Minister’s Scheme for Employability and Training Upgradation) योजना के अंतर्गत पांच ITI क्लस्टरों की स्थापना को हरी झंडी दे दी है। इन परियोजनाओं के लिए कुल 1,194.92 करोड़ रुपये के निवेश को स्वीकृति दी गई है, जो Maharashtra, Odisha और Jammu Kashmir में क्रियान्वित किए जाएंगे।
समिति की बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि युवाओं को रोजगार के लायक कौशल प्रदान करने के लिए मौजूदा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाना अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से इन पांच क्लस्टरों को मंजूरी दी गई है, जिनमें अत्याधुनिक प्रशिक्षण उपकरण, नए पाठ्यक्रम और उद्योग-केंद्रित शिक्षण पद्धतियों को शामिल किया जाएगा।
अधिकारियों के मुताबिक, यह निवेश राज्यवार औद्योगिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए वितरित किया जाएगा। Maharashtra में औद्योगिक गलियारों की मौजूदगी को देखते हुए वहां विनिर्माण और तकनीकी कौशल पर केंद्रित प्रशिक्षण दिया जाएगा, वहीं Odisha में खनन व धातु उद्योग से जुड़े कौशल विकास पर फोकस रहेगा। Jammu Kashmir में स्थानीय युवाओं के लिए पर्यटन, हस्तशिल्प और सेवा क्षेत्र से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाने की योजना है।
योजना के तहत यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को सीधे उद्योगों से जोड़ा जा सके, ताकि प्रशिक्षण के बाद रोजगार प्राप्त करने में उन्हें किसी तरह की कठिनाई का सामना न करना पड़े। इसके लिए निजी क्षेत्र की कंपनियों के साथ साझेदारी करने की भी योजना बनाई जा रही है, जिससे प्रशिक्षण पाठ्यक्रम बाजार की वास्तविक मांग के अनुरूप तैयार किए जा सकें।
संचालन समिति के सदस्यों ने कहा कि यह निवेश न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा, बल्कि देश के कौशल विकास पारिस्थितिकी तंत्र को भी मजबूती प्रदान करेगा। PM-SETU योजना को केंद्र सरकार की प्राथमिकता वाली उन पहलों में गिना जा रहा है, जिनका लक्ष्य भारत को वैश्विक कौशल केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
इन पांच क्लस्टरों के निर्माण कार्य को जल्द शुरू करने के निर्देश संबंधित राज्य प्रशासन को दिए गए हैं। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले महीनों में इन परियोजनाओं पर काम तेजी से आगे बढ़ेगा, जिससे हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिल सकेगा।
छवि: PIB
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