PRIP योजना के प्रथम चरण में फार्मा और मेडटेक क्षेत्र की 41 नवाचार परियोजनाओं को 1,600 करोड़ रुपए की मंज़ूरी
देश में दवा और चिकित्सा उपकरण क्षेत्र में शोध व नवाचार को गति देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी PRIP (Pharmaceutical Research and Innovation Promotion) योजना के तहत बड़ा कदम उठाया गया है। इस योजना के पहले चरण में देशभर से चुनी गई कुल 41 फार्मा और मेडटेक नवाचार परियोजनाओं के लिए 1,600 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है।
Department of Pharmaceuticals द्वारा संचालित इस योजना का मकसद घरेलू स्तर पर उन्नत शोध, नई दवाओं की खोज, चिकित्सा तकनीक में नवाचार और स्वदेशी उत्पादन क्षमता को मजबूत बनाना है। बताया जा रहा है कि स्वीकृत परियोजनाओं का चयन देशभर की प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थाओं, अनुसंधान केंद्रों और उद्योग जगत की भागीदारी से बनी एक विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर किया गया।
संबंधित अधिकारियों के अनुसार, इन परियोजनाओं के अंतर्गत नई पीढ़ी की दवाओं, जटिल बीमारियों के उपचार से जुड़े शोध कार्यों तथा अत्याधुनिक मेडिकल डिवाइस विकसित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इससे न केवल आयात पर निर्भरता कम होगी, बल्कि देश में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े शोध कार्यों को भी नई दिशा मिलेगी।
योजना से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल भारत को वैश्विक फार्मा और मेडटेक हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक अहम प्रयास साबित होगी। साथ ही इससे स्टार्टअप्स और युवा शोधकर्ताओं को भी प्रोत्साहन मिलेगा, जो नवाचार आधारित समाधान विकसित करने में जुटे हैं।
सरकार का कहना है कि आने वाले समय में इस योजना के अगले चरणों में और अधिक परियोजनाओं को शामिल किया जाएगा, जिससे देश की स्वास्थ्य सुरक्षा प्रणाली और आत्मनिर्भरता को और बल मिलेगा। विशेषज्ञों के अनुसार यह निवेश दीर्घकालिक रूप से न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारेगा, बल्कि रोजगार सृजन में भी सहायक होगा।
छवि: MILNER MOSHE משה מילנר (Wikimedia Commons)
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