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SCO शासनाध्यक्ष परिषद बैठक: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के ढांचे को जड़ से मिटाने की वकालत की

शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की शासनाध्यक्ष परिषद की 25वीं बैठक में भारत की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के विरुद्ध सदस्य देशों को एकजुट होकर कार्य करने का स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सिर्फ आतंकी घटनाओं की निंदा करने भर से काम नहीं चलेगा, बल्कि आतंकवाद को पनपने और फलने-फूलने वाले पूरे ढांचे को समूल नष्ट करना ही एकमात्र स्थायी समाधान है।

बैठक के दौरान रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि आतंकी गतिविधियों को प्रोत्साहन, वित्तीय सहायता और सुरक्षित पनाहगाह देने वाले देशों और संगठनों के विरुद्ध भी निर्णायक कदम उठाए जाने चाहिए। उनका कहना था कि जब तक आतंकवाद की जड़ों पर प्रहार नहीं किया जाएगा, तब तक क्षेत्रीय और वैश्विक शांति को खतरा बना रहेगा। उन्होंने सदस्य राष्ट्रों से आह्वान किया कि वे अपनी खुफिया जानकारी साझा करने, सीमा पार सहयोग बढ़ाने और संयुक्त रणनीति अपनाने की दिशा में ठोस प्रयास करें।

राजनाथ सिंह ने यह भी रेखांकित किया कि आतंकवाद किसी एक देश की समस्या नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र और विश्व के लिए एक साझा चुनौती है। उन्होंने भारत की उस नीति को दोहराया जिसके तहत देश हमेशा से आतंकवाद के विरुद्ध ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाता आया है। उनके अनुसार, क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक विकास के लिए सुरक्षा का वातावरण बनाना अनिवार्य शर्त है, और इसमें SCO जैसे मंचों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

इस बैठक में शामिल अन्य सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के समक्ष भारत ने यह स्थिति स्पष्ट रूप से रखी कि आतंकवाद के मुद्दे पर किसी भी तरह की दोहरी नीति स्वीकार्य नहीं है। रक्षा मंत्री के बयान को कूटनीतिक हलकों में काफी गंभीरता से लिया जा रहा है, क्योंकि यह क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में भारत के रुख को और पुख्ता करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मंचों पर उठाई गई आवाज़ें भविष्य में ठोस नीतिगत कार्रवाई का आधार बन सकती हैं।

छवि: PIB


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KD Siddiqui, संपादक, यूनाइटेड इंडिया लाइव
KD Siddiqui, यूनाइटेड इंडिया लाइव के संपादक।

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