आजमगढ़ में पूजा के दौरान खूनी वारदात: पत्नी और दो पुजारियों की हत्या, बेटे की भी मौत; आरोपी पुलिस मुठभेड़ में ढेर
भूत-प्रेत के साए की आशंका में चार दिनों से घर में चल रही थी पूजा, विवाद के बाद आरोपी ने तीन बच्चों को कमरे में किया बंद
आजमगढ़। जिले के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गहजी गांव में मंगलवार शाम पूजा-पाठ को लेकर शुरू हुआ विवाद बेहद दर्दनाक वारदात में बदल गया। पुलिस के मुताबिक, अरविंद सिंह (42) ने अपनी पत्नी बबीता सिंह और पूजा करा रहे दो पुजारियों पर गोली चला दी। इसके बाद वह अपने तीन बच्चों को लेकर कमरे में बंद हो गया। कई घंटे तक चले पुलिस ऑपरेशन के दौरान कमरे से फायरिंग होने के बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। घायल अरविंद और उसके बेटे शौर्य को अस्पताल ले जाया गया, जहां दोनों की मौत हो गई।
भूत-प्रेत के साए की आशंका में हो रही थी पूजा
बताया गया कि अरविंद के परिवार को आशंका थी कि उस पर किसी तरह का भूत-प्रेत का साया है। इसी को लेकर घर में करीब चार दिनों से पूजा-पाठ कराया जा रहा था। जिले के ही रहने वाले पंडित महेंद्र पाठक (60), अखिलेश मिश्रा (55), उनके बेटे हिमांशु समेत चार पुजारी पूजा करा रहे थे।
पुजारी हिमांशु के अनुसार, मंगलवार को पूजा की पूर्णाहुति थी। परिवार की ओर से बताया गया था कि अरविंद के बड़े भाई सुनील सिंह की मौत के बाद उनकी आत्मा को लेकर परिवार परेशान था। हालांकि, इन दावों की पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं हुई है।
शाम छह बजे घर लौटने के बाद बढ़ा विवाद
पुलिस के अनुसार, मंगलवार शाम करीब छह बजे अरविंद बाजार से घर लौटा। घर में पूजा होते देखकर वह नाराज हो गया। पत्नी बबीता और पुजारियों से उसकी बहस शुरू हो गई।
पुजारी के अनुसार, अरविंद ने उन्हें वहां आने को लेकर पहले भी चेतावनी दी थी। विवाद बढ़ने के बाद उसने कथित तौर पर पत्नी और पुजारियों को गोली मार दी।
फायरिंग में बबीता सिंह, महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा की मौत हो गई।
तीन बच्चों को कमरे में किया बंद
फायरिंग के बाद अरविंद अपने तीन बच्चों को लेकर एक कमरे में बंद हो गया। बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घर को घेर लिया।
पुलिस अधिकारियों ने आरोपी को लगातार समझाने और आत्मसमर्पण करने के लिए कहा। बच्चों की मौजूदगी के कारण पुलिस ने काफी सावधानी से कार्रवाई की।
ATS और SOG भी मौके पर पहुंची
घटना की गंभीरता को देखते हुए कई थानों की पुलिस को मौके पर बुलाया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। बाद में SOG और ATS की टीमों को भी बुलाया गया।
पुलिस के अनुसार, करीब सात घंटे तक अरविंद बच्चों के साथ कमरे में बंद रहा। इसी दौरान कमरे से गोली चलने की आवाज आई। पुलिस ने घर में प्रवेश करने की कार्रवाई शुरू की।
पुलिस पर भी फायरिंग का दावा
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पुलिस टीम को देखकर लाइसेंसी हथियार से फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में अरविंद को गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा।
उसे तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसी दौरान उसके बेटे शौर्य (9) की भी गोली लगने से मौत हो गई।
पुलिस ने कमरे से बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने की कार्रवाई की। घटना के बाद पूरे गांव में तनाव और दहशत का माहौल बन गया।
2018 में हुई थी अरविंद के भाई सुनील की हत्या
परिवार से जुड़े लोगों के अनुसार, वर्ष 2018 में अरविंद के बड़े भाई सुनील सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बताया गया कि सुनील महाराष्ट्र में रहते थे और बालासाहेब ठाकरे के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) रह चुके थे।
सुनील की पत्नी के भाई सूरज सिंह ने आरोप लगाया कि गांव में पुरानी रंजिश के चलते सुनील की हत्या की गई थी। उनके अनुसार, इस मामले में मनीष सिंह और अवनीश के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई गई थी और दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
परिवार की ओर से पुराने विवाद और मंगलवार की घटना के बीच संबंध होने के दावे भी किए गए हैं। इन दावों की पुलिस जांच कर रही है।
पांच लोगों की मौत
इस पूरी घटना में अरविंद सिंह, उसकी पत्नी बबीता सिंह, बेटा शौर्य और दो पुजारी महेंद्र पाठक तथा अखिलेश मिश्रा की मौत हुई है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से हथियार और अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस घटना के पीछे पूजा को लेकर विवाद, पारिवारिक परिस्थितियों और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
Discover more from United India Live
Subscribe to get the latest posts sent to your email.




