इंदौर में साइबर ठगी: हॉस्पिटल का नंबर गूगल पर सर्च करना महिला को पड़ा भारी, 3.96 लाख रुपए गंवाए
इंदौर से ऑनलाइन धोखाधड़ी का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां आंखों के इलाज के लिए हॉस्पिटल का नंबर तलाशना एक महिला के लिए भारी नुकसान का कारण बन गया। बाणगंगा क्षेत्र में रहने वाली अनीता जैन साइबर अपराधियों के जाल में फंसकर करीब 3 लाख 96 हजार रुपए की ठगी का शिकार हो गईं।
पुलिस के अनुसार घटना की शुरुआत 13 सितंबर को हुई, जब अनीता ने आंखों की समस्या के इलाज के लिए Rajesh Netralaya अस्पताल का संपर्क नंबर गूगल पर तलाशा। सर्च रिजल्ट में जो नंबर दिखाई दिया, उन्होंने उस पर सीधे कॉल कर दिया। फोन उठाने वाले व्यक्ति ने खुद को अस्पताल स्टाफ का सदस्य बताया और भरोसा जीतने के बाद सिर्फ 5 रुपए का टोकन पेमेंट करने की बात कही।
इस मामूली रकम के भुगतान के बहाने आरोपी ने किसी अन्य मोबाइल नंबर से एक लिंक भेज दिया। अनीता ने उस लिंक को खोलकर फॉर्म में अपने बैंक खाते की जानकारी भर दी, मगर पेमेंट प्रोसेस नहीं हो पाया। इसके बाद ठग ने चालाकी दिखाते हुए दूसरे बैंक खाते से पेमेंट करने का सुझाव दिया। भरोसे में आई महिला ने दोबारा कोशिश करते हुए अपनी SBI, ICICI और एक अन्य बैंक की खाता संबंधी संवेदनशील जानकारी लिंक में दर्ज कर दी।
तीन दिन बाद, यानी 16 सितंबर को अनीता को बड़ा झटका लगा जब उनके एक बैंक खाते से 80 हजार रुपए और दूसरे खाते से 3 लाख 16 हजार रुपए अचानक कट गए। हालांकि ठगों ने तीसरे खाते से भी रकम निकालने की कोशिश की, लेकिन इस प्रयास में वे सफल नहीं हो सके।
खातों से अचानक बड़ी रकम गायब होने के बाद अनीता को ठगी का अंदाजा हुआ और उन्होंने बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन पर पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई। बाणगंगा पुलिस ने शिकायत की गंभीरता से जांच करते हुए एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की तफ्तीश शुरू कर दी गई है।
यह मामला एक बार फिर इस बात की पुष्टि करता है कि गूगल सर्च में मिलने वाले हर नंबर पर आंख मूंदकर भरोसा करना कितना खतरनाक हो सकता है। साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि आधिकारिक वेबसाइट या सत्यापित स्रोत से ही संपर्क नंबर लेना चाहिए, और किसी भी अनजान लिंक पर बैंक खाते की जानकारी साझा करने से पहले सतर्क रहना जरूरी है।
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