नई दिल्ली। दिव्यांगजनों के वाहनों के लिए टोल शुल्क में छूट देने वाली फास्टैग (FASTag) व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार ने अपने पुराने नियमों में बदलाव किया है। Ministry of Road Transport and Highways (MoRTH) की ओर से जारी ताजा परिपत्र में साफ किया गया है कि दिव्यांगजनों के नाम पर पंजीकृत या उनके उपयोग के लिए विशेष रूप से रूपांतरित वाहनों को टोल प्लाजा पर छूट वाला फास्टैग उपलब्ध कराया जाएगा, मगर इसके लिए पात्रता की शर्तें पहले से अधिक स्पष्ट और कड़ी बनाई गई हैं।
संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार, संबंधित वाहन स्वामी को अपनी दिव्यांगता प्रमाणित करने वाला सरकारी प्रमाण-पत्र, वाहन के रजिस्ट्रेशन दस्तावेज और वाहन में हुए विशेष परिवर्तनों का विवरण संबंधित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय या National Highways Authority of India (NHAI) के पोर्टल पर प्रस्तुत करना होगा। आवेदन की जांच के बाद ही पात्र वाहन को छूट वाला फास्टैग जारी किया जाएगा, जिसकी एक निश्चित वैधता अवधि होगी और समय-समय पर उसका नवीनीकरण कराना अनिवार्य रहेगा।
सरकार का कहना है कि पहले की व्यवस्था में कुछ खामियों के चलते कई बार अपात्र वाहन भी छूट का लाभ उठा रहे थे, जिससे टोल संग्रह प्रणाली पर असर पड़ रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए अब सत्यापन प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से और अधिक पारदर्शी बनाया गया है, ताकि वास्तविक जरूरतमंद दिव्यांगजनों को ही इसका फायदा मिल सके।
अधिकारियों के मुताबिक, नई व्यवस्था लागू होने के बाद देशभर के टोल प्लाजा पर लगे स्वचालित सिस्टम में भी जरूरी बदलाव किए जाएंगे, जिससे छूट वाले फास्टैग की पहचान तुरंत हो सके और वाहन चालकों को अनावश्यक रुकावट का सामना न करना पड़े। दिव्यांगजन संगठनों ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे प्रक्रिया अधिक सुगम और विश्वसनीय बनेगी, हालांकि कुछ संगठनों ने दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया को और सरल बनाने की मांग भी उठाई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि संशोधित नियम आगामी दिनों से प्रभावी रूप से लागू किए जाएंगे और इस संबंध में विस्तृत जानकारी NHAI की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी।
छवि: Avinash reddy Kosna (Pexels)
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