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Delhi Defence Dialogue 2026: रक्षा मंत्री ने स्वदेशी सैन्य क्षमताओं को बताया 21वीं सदी की अनिवार्य शर्त

नई दिल्ली में आयोजित Delhi Defence Dialogue 2026 के मंच से रक्षा मंत्री ने एक महत्वपूर्ण संबोधन में कहा कि वर्तमान सदी में सैन्य तैयारियों को मजबूत बनाने के लिए रक्षा क्षेत्र की प्रमुख क्षमताओं का देश में ही निर्माण करना अब विकल्प नहीं बल्कि आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए भारत को न केवल हथियार प्रणालियों के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनना होगा, बल्कि इन उपकरणों के स्वतंत्र संचालन की दक्षता भी विकसित करनी होगी।

रक्षा मंत्री ने इस अवसर पर जोर देकर कहा कि किसी भी देश की सैन्य शक्ति का वास्तविक मूल्यांकन इस बात से होता है कि वह संकट की घड़ी में बाहरी स्रोतों पर निर्भर हुए बिना अपनी सुरक्षा जरूरतों को कितनी कुशलता से पूरा कर सकता है। उन्होंने कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं, और ऐसे दौर में जो राष्ट्र अपनी रक्षा उत्पादन श्रृंखला को मजबूत और स्वावलंबी बनाने में सफल होंगे, वही भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर पाएंगे।

संबोधन के दौरान रक्षा मंत्री ने बताया कि सरकार पिछले कुछ वर्षों से रक्षा निर्माण क्षेत्र में स्वदेशीकरण को प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अत्याधुनिक हथियार, उपकरण और प्रौद्योगिकियां देश की सीमाओं के भीतर ही विकसित हो सकें, जिससे किसी भी आपात स्थिति में विदेशी आपूर्ति पर निर्भरता कम से कम हो।

उन्होंने इस बात को भी रेखांकित किया कि केवल उत्पादन क्षमता विकसित करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सैन्य बलों के पास इन स्वदेशी प्रणालियों के परिचालन, रखरखाव और उन्नयन की पूर्ण दक्षता भी होनी चाहिए। रक्षा मंत्री के अनुसार, यह दोहरी क्षमता ही किसी राष्ट्र को वास्तविक रूप से आत्मनिर्भर और सामरिक दृष्टि से सशक्त बनाती है।

डिफेंस डायलॉग के इस संस्करण में देश-विदेश के कई प्रतिनिधि, रक्षा विशेषज्ञ और नीति निर्माता शामिल हुए, जिन्होंने भविष्य की सुरक्षा रणनीतियों, तकनीकी नवाचार और सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। रक्षा मंत्री के वक्तव्य को रक्षा उत्पादन क्षेत्र में भारत की दीर्घकालिक नीति की दिशा स्पष्ट करने वाला महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

छवि: PIB


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KD Siddiqui, संपादक, यूनाइटेड इंडिया लाइव
प्रिंट से डिजिटल तक 25 वर्षों की पत्रकारिता। KD Siddiqui यूनाइटेड इंडिया लाइव के संपादक हैं और राजनीति व समाज से जुड़ी खबरों पर लिखते हैं।

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