GOBARdhan योजना से भारत में कम्प्रेस्ड बायोगैस क्षेत्र को मिलेगी नई रफ्तार, Hardeep Singh Puri ने किया शुभारंभ
केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri ने देश में कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से GOBARdhan योजना की औपचारिक शुरुआत की। इस पहल के जरिए सरकार का लक्ष्य जैविक कचरे और गोबर से ऊर्जा उत्पादन को प्रोत्साहित करना है, जिससे न केवल स्वच्छ ऊर्जा के स्रोत बढ़ेंगे बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने कहा कि यह योजना देश की ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। उन्होंने बताया कि GOBARdhan पहल के अंतर्गत कृषि अवशेष, पशुधन अपशिष्ट और नगरपालिका के जैविक कचरे का इस्तेमाल करके संपीड़ित बायोगैस तैयार की जाएगी, जिसे बाद में वाहन ईंधन और घरेलू उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, इस योजना से देश भर में नए CBG संयंत्रों की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। साथ ही, पराली जलाने जैसी समस्याओं पर भी नियंत्रण पाने में मदद मिलने की उम्मीद जताई गई है क्योंकि किसान अपने कृषि अवशेषों को बायोगैस संयंत्रों को बेच सकेंगे।
श्री Puri ने स्पष्ट किया कि यह योजना प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत और स्वच्छ भारत मिशन के साथ पूरी तरह तालमेल में है। उन्होंने उद्योग जगत और निवेशकों से इस क्षेत्र में आगे आकर निवेश करने की अपील की, ताकि भारत वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के मामले में आत्मनिर्भर बन सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि GOBARdhan योजना के सफल क्रियान्वयन से न केवल पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम होगी, बल्कि किसानों की आय में भी इजाफा होगा। सरकार ने आने वाले वर्षों में इस योजना के तहत देश भर में सैकड़ों नए प्लांट स्थापित करने की योजना बनाई है, जिससे संपीड़ित बायोगैस उत्पादन में भारी वृद्धि होने की संभावना है।
छवि: Andrew Scheer (Wikimedia Commons)
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