अमेरिका के Trump प्रशासन ने International Criminal Court (ICC) के खिलाफ एक बड़ा और कड़ा कदम उठाने की योजना बनाई है। अधिकारियों के मुताबिक, प्रशासन अब इस अदालत पर व्यापक स्तर के प्रतिबंध लगाने की तैयारी में जुटा है, जिससे ICC को दुनिया के अधिकतर वित्तीय ढांचे से अलग-थलग कर दिया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, यह फैसला Trump प्रशासन की उस लंबे समय से चली आ रही नाराजगी का ही अगला चरण है, जो उसने ICC के कामकाज को लेकर जताई है। अब प्रस्तावित प्रतिबंधों के जरिए इस मुहिम को और तेज करने की तैयारी है। यदि यह कदम अमल में आता है, तो अदालत के लिए वैश्विक बैंकिंग व्यवस्था और अन्य अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवाओं तक पहुंच बेहद सीमित हो जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के प्रतिबंध ICC की कार्यप्रणाली को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकते हैं, क्योंकि किसी भी अंतरराष्ट्रीय संस्था के लिए वित्तीय लेन-देन और सहयोग के बिना काम करना मुश्किल हो जाता है। हालांकि अभी तक इस योजना की पूरी रूपरेखा और इसे लागू करने की सटीक समयसीमा को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है।
यह घटनाक्रम अमेरिका और ICC के बीच पहले से चल रहे तनाव को और बढ़ाने वाला माना जा रहा है। पिछले कुछ समय से Trump प्रशासन ने अदालत की कार्यशैली और उसके अधिकार क्षेत्र पर बार-बार सवाल उठाए हैं, और अब यह नया कदम उस विरोध को अमली जामा पहनाने की दिशा में उठाया जा रहा प्रयास प्रतीत होता है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस फैसले को लेकर आने वाले दिनों में प्रतिक्रियाएं देखी जा सकती हैं, क्योंकि ICC कई देशों के लिए न्याय और मानवाधिकार से जुड़े मामलों में एक अहम संस्था के रूप में काम करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका इस तरह के कड़े प्रतिबंध लागू करता है, तो इससे न सिर्फ ICC की कार्यक्षमता प्रभावित होगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक संबंधों पर भी इसका असर पड़ सकता है।
फिलहाल सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि Trump प्रशासन इस योजना को कब और किस रूप में औपचारिक रूप से घोषित करता है।
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